rishirish

www.instagram.com/rishrishikumar

#Logophile || #Pluviophile☔ || #Philophobic “ I write, just For keeping the mouth shut of my Heartache _„

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Reposts
  • rishirish 4w

    #Afteralongtime !,
    #smolderingwords !,
    It's been a long time that I haven't written a single word but today' is a day that I wrote something.
    Hope u guys will like it „ #tod_wt @writersnetwork @writerstolli @soulwriters @mirakee @mirakeeworld @hindiwriters

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    पलकों-की-बारिश

    तुम काले बादलों की तरह ही तो हो ||
    जब भी आते हो' तो बारिश होती है ||
    ख़ैर
    वो अलग बात है' कि तुम्हारी-बारिश |
    मेरी पलकों को अक़्सर भीगा जाती है |
    ©rishirish

  • rishirish 9w

    #Indino_!

    “In dino hosh mein bhi behosh rehta hoon
    Aur
    Aalam kuch yu hai ki bina piye hi madhosh rehta hoo ,,

    "Na jane ye kaisa nasha hai ' kisi-ki aankhon ki sararat hai
    Ya
    Qarar-e-Mausiiquii ki riwayat hai
    Ab jo bhi hai bas isee mein fanna hai hum saheb,,

    “Na tum hamare-pass ' Na hum tumhare-pass
    Bas yahi to Dil-Lagane ki ekk Ba-dastoor-e-Sazaa hai„

    “In Dino hosh mein bhi behosh rehta hoon
    Aur
    Aalam kuch yu hai ki Bina piye bhi madhosh rehta hoon„
    ©rishirish

  • rishirish 9w

    _मुराद-ओ-मोम

    हुस्न-ए-फूरकत सी है आशिक़ी तेरी ||
    कब तलक यूं दिल-ए-रंजिश निभायेगी पल दो पल की आवारगी तेरी |
    आ बैठ मेरे पास कर चरहम-ओ-नज़ाकत से इज़हार ||
    क्योंकि
    शायद तुम्हे इस बात का इल्म नहीं मेरे मेहताब ' |
    की मुराद-ओ-मोम का पुतला तो सिर्फ़ जलकर पिघला ही जानता है ||
    ©rishirish

  • rishirish 10w

    _ज़िंदगी !

    “ ज़िंदगी एक झमेला है' और दो-दिन का मेला है
    बस यहां चले-चलो' क्योंकि ज़िन्दगी के इस सफ़र मे हर
    एक मुसाफिर तनहा और अकेला है „
    ©rishirish

  • rishirish 11w

    मैं और तुम_!

    “मैं गुजरता हुआ वक़्त सही' आते हुए हिज्र की तरह
    और
    तुम आती हुई उम्मीद सही' जाती हुई तोहमत की तरह

    मैं धेर्य से टूटा सही' सावन के मेघ कि तरह
    और
    तुम अट्टल सही' अपनी नफ़रत की तरह

    मैं अधूरा सही' मेरी ख़्वाहिश की तरह
    और
    तुम मुकम्मल सही' दिन के चांद कि तरह

    मैं ग़लत सही' तुम्हारी सोच की तरह
    और
    तुम सही-ही-सही' मेरी तम्मना की तरह

    इक पल के लिए मैं तुम सही' आईने की तरह
    और
    तुम, तुम सही' अपनी फितरत की तरह

    बस अब तुम' तुम हो और मैं, मैं हूं_
    जिसमे की अब मुझे कहीं हम-तुम नज़र नहीं आता_„
    ©rishirish

  • rishirish 12w

    #Washyoursoul

    The deeper'
    You wash your soul with the
    guilt of your emotions'

    ‘‘The deeper you will be able
    to plunge in the ocean of yourself
    ©rishirish

  • rishirish 13w

    “मलाल रखना ज़रूरी तो नहीं_! ,
    Malaal - doubts '
    #tod_wt , @writersnetwork, @writerstolli, @soulwriters, #hindiwriter,

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    मलाल_!

    अपने दिल में मलाल रखने से किसी को क्या मिला है ||
    और
    अगर किसी ने रखा भी है' तो वो ख़ुद-की-ख़ुशी से मिटा है|

    मलाल का तो यूं है कि ये वक़्त-वे-वक़्त आता है और ता-उम्मर के लिए सज़ा दे जाता है |

    अपने दिल में मलाल रखने से किसी को क्या मिला है ||
    और
    अगर किसी ने रखा भी है' तो वो ख़ुद-की-ख़ुशी से मिटा है|
    और
    हमेशा दिल में मलाल रखना ज़रूरी तो नहीं ' और तुम्हारे हर सवाल का जवाब हो इस दुनिया में ये ज़रूरी तो नहीं ||

    अपने दिल में मलाल रखने से किसी को क्या मिला है ||
    और
    अगर किसी ने रखा भी है' तो वो ख़ुद-की-ख़ुशी से मिटा है|
    ©rishirish

  • rishirish 13w

    _गुमनामजिंदगी”

    गुमनाम लोगों की महफ़िल में शामिल तो हम हमेशा से थे' ||
    बस पहचाने ही आज गए है हुज़ूर |
    और
    फर्क बस इता सा है' की उस रोज़ थोड़ा कम गुमनामी में थे'
    और आज उसके जाने के बाद थोड़े से जादा है„
    ©rishirish

  • rishirish 15w

    Hatred_'

    Hatred is something'
    that neither you can give
    to someone
    nor you can keep
    it inside yourself, But'
    the thing is u can do' to
    grow and shine with it „
    ‘As same as
    a seed does to a barren land „
    ©rishirish

  • rishirish 15w

    #one liner_'

    सिर्फ़ एक बार मेरे सिफ़र-ऎ-उजाले को ' तस्कीन-ऎ-मुराद में बदल दे |
    यूं तो तेरे लिए नामुमकिन तो कुछ नहीं मेरे ख़ुदा ||
    बस मेरी उम्मीदों को ही कम-से-कम मेरे मुक्कदर में बदल दे |
    ©rishirish