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  • rupanshu_saneedip 5h

    कुछ दिन की बात है जनाब !
    उजालों में कोहरा छाया हैं छट जाएंगे !!

    जो घर में अढ़ गए !
    मानो मौत से लड़ गए !!

    जिसने किया अफरा तफरी !
    वो ना बचा पाएंगे अपनी तशरीफ़ !!

    बेहतर है जिसने माना सरकार की बात !
    कर दिया अवहेलना अपने दिल के साथ !!

    चुरा और लिए उसने जिंदगी से !
    दो चार नजराने भरे हसीन पल !!

    ©rupanshu_saneedip

  • rupanshu_saneedip 1d

    नवरात्रि में नवदुर्गा नौ दिवस नव नवीनतम रूप धरे
    हर रूप अपनी महीमा की एक गाथा है गढ़े
    सिंह पर सवार होकर रंग फुलों की फूहार बनकर
    सुहागन की श्रंगार बनकर दुखियों की पुकार बनकर
    आन बसो मां टेड़ी मेडी़ ढगरी से हमरी नगरी आन बसो मां

    हर किसी के आंगन में भाव भक्ति खुशियां अपार लेकर
    रसोई में प्रसाद बनकर बनते बिगड़ते रिश्तों में मिठास लेकर
    भागती दौड़ती उलझती समाज में र्मयादा संस्कार लेकर
    बच्चों में दुलार बनकर युवाओं में धीरज धरकर
    बड़ों का आशीर्वाद बनकर आन बसो मां
    टेड़ी मेडी़ ढगरी से हमरी नगरी आन बसो मां

    शैलपुत्री ब्रह्मचारिणी चंद्रघंटा कुष्मांडा बनकर
    स्कंदमाता कात्यायनी कालरात्रि महागौरी
    माता सिद्धिदात्री हर इक रूप में रोशनी बनकर
    निर्बल जरुरतमंदों के दाताओं में मदद लेकर
    अश्रुपूरित नेत्रों में उम्मीदें आस बनकर
    अपने दास की पुकार में उल्लाल बनकर
    आन बसो मां टेड़ी मेडी़ ढगरी से हमरी नगरी आन बसो मां

    बोलो सांचे दरबार की जय ������
    जयकारा शेरावाली दा ������
    #jai_mata_di ��️��️
    _rupanshu_

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    सारे जग की माता हो तुम
    सब की पालनकर्ता हो तुम
    जग की रक्षा खातिर
    मारे कई राक्षस तुने
    हर लो जग का संकट सारा
    बनो पालनहार माता कि तेरा
    दर लागे है जग से प्यारा

    ©rupanshu_saneedip

  • rupanshu_saneedip 2d

    नाम है जिसका सूज्ञानी
    चंचल मन बड़ी सयानी
    करती रहती बच्चों सी नादानी
    खेद है क्यूं नहीं करती मनमानी
    दुनिया के फरेब से अनजान है
    रिश्तों के गणित में उलझी
    सच्ची इसकी पहचान है
    जैसे मीराकि से पहले हमारी
    दोस्ती थी अनजाना अनजानी
    गर ना सूनू इसकी बात शेरनी सी गुराती है
    सुन लो जो फुलों सी मुस्काती है
    भले ही पकाती है दिल को आवाज लुभाती है
    घर के अन्दर और बाहर हर कामों में माहिर है
    हस्तकला से खुद को आत्मनिर्भर कहलाती है
    फिर भी खुद को पहचान ना पाई पगली
    कितनी खूबसूरत लेखाकार है हिन्दी नहीं आती इसे
    पर कोशिश नाकाम हजार करती है
    हम शब्दों से खेलते हैं
    वो बिखरे जज्बातों को जोड़ती है
    उम्मीद ना तोड़ दे मां बाबा के संस्कारों का इस
    बात से डरती है इसलिए सारे गमों को भुलाकर
    मोहब्बत का हाथ थामती है मौन संयमित
    कहानी अनकही कोई गढ़ती आंखें मिच
    निरन्तर आगे बढ़ती है
    _rupanshu_

    Happiest birthday to my
    dearest friend @hs_mama ������

    Ye Nahi hai mama Kisi ki
    Ghar ki sabse choti beti hai

    देख मुझे नहीं रहता कभी !
    किसी विशेष दिन का सुध बुध !!

    पर व्यक्ती विशेष ख्याल रखता हूं !
    24*7 सूझ बूझ तो कभी अनबुझ !!

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    लिखना तो चाहता हूं बहुत कुछ
    ना शब्दों की कमी है ना समयभाव है
    बस विवशता है तेरे सुप्त भावनाओं का

    जन्मदिन कि हार्दिक शुभकामनाएं

    लाडो इसे इसके बाबा कहते हैं
    इसलिए मुझसे भी कहलवाति है
    नहीं तो क्या कहूं छिपकली सूट करती है

    Please must read caption
    Not for me only for this beautiful lady

    Happy birthday lado ❣️

    ©rupanshu_saneedip

  • rupanshu_saneedip 4d

    गुड़िया कहते हो पर गुड़िया क्यूं समझते हो
    गुड़िया !! सूंदरता है पर जान नहीं है
    बचपन में गुड्डे गुड़ियों का दिया गया उपहार
    शायद सिखाया जा रहा था सुंदरता से रिझाना
    हर हालातों में शालिनता से अपने जज्बातों को दबाना
    गुड़िया सही तो कहते हो जो चाहे जैसा चाहे
    जिस हाथ जाऊं खेल सके झकझोर सके तन्हा मन
    जो चाहे पहना दो हर रंग भावेगा तेरा मन
    अपना कहां कोई रंग बेरंग बेमन बैजान हूं
    है ना गुड़िया हूं ना !!
    किसी ने मेरी आंखों को सजाया तो
    बालों में भीरंग बिरंगे रंग भर आया
    किसी ने मुझमें चाभी लगाया तो
    अब रिमोट गुड़िया कह खुद अनुसार
    नाचना-गाना और चलना सिखाया
    पर‌ कोई क्यूं ना अंतर्मन पहचान पाया
    अच्छा गुड़िया हूं ना क्यूं भूल जाती मैं
    कहां शौक अपनी अभिलाषा का उड़ान पाना
    अपनी इच्छाओं को नहीं है दर्शाना
    गुड़िया सही तो कहते हो बचपन छोड़ जवानी
    ले रही अंगड़ाई तैयार करो सगाई और बराती
    जिस हाथ थाम दोगे बस जाऊं उसका तन बदन
    बंध जाऊं एक नया बन्धन भुलाकर बाबूल आंगन
    जहां मिला मुझे गुड़िया सा मन ना करना किसी से
    बैर ना किसी से जंग गुड़िया सही तो कहते हो
    नई नवेली हूं मोहब्बत से आस पास रखोगे
    अपनी आंखों का काजल बता मेरी सुखे नयनों में
    सुरमा लगाओगे इश्क का चशका लगाओगे फिर से
    नए मेले आएंगे इक नई सुंदर गुड़िया लाओगे तो नहीं ना
    इश्क बसाकर आंखों में समाकर तहखाने में रखोगे नहीं ना
    गुड़िया सही तो कहते हो नाम दिया भर कुछ पहचान दे देते

    _rupanshu_

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    गुड़िया !! बेशक तू गुड़िया है मेरी !
    जान नहीं बचपन का जहान बसता है !!

    बेशक तू आई दादू संग मेले से अनजान बनकर !
    नादान बचपन में बसाए जवानी की रवानी है तू !!

    तुझे सजना संवारना गुड्डे संग बराती रचाना !
    कोई खेल नहीं सपनों संग का घरौंदा था मेरा !!

    गुड़िया काम नंही बस नाम नहीं !
    तेरे अंदर बसता धाम मेरा !!

    बचपन में पिरोए अनकहे अनसुने !
    पाक ख्वाहिशों का पहचान मेरा !!

    ©rupanshu_saneedip

  • rupanshu_saneedip 1w

    करोना से होना है
    बहुत अच्छे से वाकिफ
    अपने लिए तो सब लड़ते हैं
    लड़ना है जो अपनों के लिए
    सही सलामत सुरक्षित
    जिंदगी के पाले में
    खड़ा होने के लिए
    बाहर आबोहवा में
    जिंदगी से खेल रहा है करोना
    कल नहीं सजग हुए अब तो डरो ना
    पैसे देकर भी नहीं मिल पा रहा है
    जिंदगी की सुरक्षा कवच
    जिसे नाम दिया गया है
    मास्क और हैंड सेनेटाइजर
    अब भुल चुके हैं गले लगना
    जब भी मिलो मिलों से ही नमस्ते करना
    मौत मौत गांव शहर ढुंढ रही बाहर करोना
    अफवाहों के लपेटे में ना आना
    घर के सुरक्षित हवा में काम समेटो ना
    करोना के वायरस पर है काबू पाना
    इसलिए घर के अन्दर रहकर
    जनता curfew को बल दो ना
    _rupanshu_

    #stay_safe
    #stay_home
    #stay_stron
    #do_not_panic

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    Janta curfew

    जिंदगी की रफ्तार भी चलती रहे !
    और अपनों का साथ भी मिलता रहे !!

    गर मौत को है हराना घर के अन्दर रह !
    वायरस के श्रृंखला को तोड़ो ना !!

    ©rupanshu_saneedip

  • rupanshu_saneedip 1w

    वो चीखी
    वो चिल्लाई
    उसने की होंगी
    मिन्नते हजार
    थी एक घिनौनी
    हैवानियत की रात
    जब करी सारी
    हदें जालिमों ने पार

    ना ना वो ना चीखी ना चिल्लाई
    ना किया कुकर्मियों से मिन्नतें हजार
    रही हिमालय सी अडिग हैवानियत के पथ पर
    हिम्मत नहीं हारी ना छोड़ी जीने की आस
    दर्द में भी सांस नहीं तोडी फिर कैसे
    छोड़ देती एक मां दरिंदों की मौत की आस

    सात साल सात महीने तीन दिन
    कैसे काटे होंगे इक इक दिन गीन‌

    आज वो चैन‌ से सोई होगी ना बिना पलकें झपकाए
    मां बाबा को भी ढूंढ रही होगी ना पर दिखी होगी ना
    उसे उनके हिम्मत से भरे किरदार की रौनक
    उसकी आत्मा को शांति मिली होगी बेशक
    _Rupanshu_

    #Nirbhya ❤️
    #justice��
    #saluteforhermother ��
    #hugerespectforherlawer ��

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    हौसले को साथ रख भरो जज्बे की हुंकार
    तोड़ सब्र का बांध अब करो जुल्म का प्रतीकार

    घर की चौखट से अब तू विरान हाथ ना निकल
    गर गंदी नजर से घूरे कोई वहीं फोड़ हैवानियत नजर

    करे जो कोई छिटाकाशी तेरे वस्त्रों का
    कर तू उसके नियत का चीरहरण

    माना सहजता सहनशीलता तेरा श्रृंगार है
    पर कुकर्मियों का संहार भी तेरा ही आधार है

    ©rupanshu_saneedip

  • rupanshu_saneedip 1w

    बहुत सितम ढांये हैं जिंदगी ने
    पर हर ज़ुल्म से पार पाया है तुने
    जो जज्बा शामिल है तुझमें
    अभी रुखसत हजार खुशियों के बाकी है
    आज भी मुश्किलें उठ कर खड़ा ना हुआ
    क्युकि अपने मुताबिक तेरा
    पतवार खेने का गुमान काफी है
    शायद यही और सिर्फ यही तेरी
    साकी मुक्कमल पहचान साथी है
    जिंदगी तेरी है बेशक टेडी मेडी है
    पर तू भी तो ऐडी है
    जिंदगी जिने का सलिका
    तेरे औरों से मुड़ी है
    अडना तेरी जिंदगानी है
    तेरी कहानी लिखी तेरी जुबानी है

    _rupanshu_

    @jiya_khan

    Ye bas ek Collab hai

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    लड़ना या अड़ना

    पतंग की उड़ान तो हवा की मेहरबानी है
    तू तो आजाद परिंदा है बेशक घायल हैं पर
    उम्मीद-ऐ-परवाज़ हौसलों के बाकी हैं
    ©rupanshu_saneedip

  • rupanshu_saneedip 1w

    जरूरी नहीं इश्क में चोट खाए ही !
    शायरी को मुक्कमल करें !!

    जिंदगी भी जख्म हजार देती है !
    बंजर में भी मंज़र बेमिसाल देती है !!

    _rupanshu_

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    कहां जोड़ पाएंगे ऐ तन्हा जिन्दगी
    तुझसे तेरे कर्जों के हिसाब

    मेरा ये वहम था कि आस पास तुम हो मेरे
    भ्रम टूटा तो खुदी से हम भी टूटे हैं

    चलो मान लें दिल मेरा मुझसे तू खफा है
    मगर एक बारी नजर फेर लेती जिन्दगी

    जिंदगी तुझसे तो हम भी रुठे हैं .......

    ©rupanshu_saneedip

  • rupanshu_saneedip 1w

    इश्क नहीं तो क्या है
    जब साथ नहीं होता हूं
    दुरियां सहन नहीं होती है
    अचानक से बात करने की
    आतुरता तेरी थोड़ी देर
    थोड़ी देर करते हुए घंटों बतियाते रहना
    बतियाते हुए सो जाना
    और जागते ही मीस्ड काॅल या
    एक मैसेज के ना होने पर तेरा रूठना लड़ना
    फिर छोटे से मैसेज के बदले शरारत से भरा
    दो पन्नों का मैसेज पाकर मुस्कुराना
    इश्क नहीं तो क्या है

    इश्क नहीं तो क्या है
    थामती हो बस हाथों में हाथ मेरे
    रूह में से एक अनजान टीस
    हीलकोरे खा रही होती है
    इश्क नहीं तो क्या है

    इश्क नहीं तो क्या है
    तेज धड़कती धड़कन की ध्वनी और
    बातें करते हुए सांसों की व्याकुलता तेरी
    हर रोज़ एक नया तस्वीर मंगाना
    और पसंद ना आने पर फिर
    एक नये तस्वीरों की जिद करना
    और उन तस्वीरों को टकटकी
    लगाए निहारते रहना
    इश्क ही तो होगा ना
    _rupanshu_

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    हां तो मैंने कब कहा इश्क नहीं है
    आज भी तेरे खुशबुओं से
    अपनी सांसों को महकाए बैठी हूं
    तेरे सर्पश के चुभन कोअपने
    बदन में समेटे लगाए बैठी हूं
    खुद को तेरे अनकहे लफ्जों में
    कैद कर महफूज बैठी हूं
    अब इसे तुम मोहब्बत नहीं
    कहोगे तो क्या कहोगे
    ©rupanshu_saneedip

  • rupanshu_saneedip 2w

    कुछ पल की बातें।
    कैसे दोस्ती में बदल गई
    पता नहीं चला।।

    ना स्कूल ना कोलेज की यारी है ।
    जज्बात के पन्नों पर उभरे शब्दों
    से मिले हमारी तुम्हारी आवारगी है ।।

    छोटी हो या बड़ी बात गम हो
    या खुशियों की सौगात ।
    करते हुए वाहवाही चिढ़ाते हुए
    आह में भी देते एक दुजे का साथ ।।

    ना छुआ कभी कानी अंगुली को फिर भी ।
    करते रहते अट्टी बट्टी कट्टी की बात ।।

    महसूस करते हुए अगूंठे को ना छोड़ना कभी साथ ।
    वरना तोड़कर रख दुंगा हाथों में हाथ ।।

    नाम रखें सबने बातोंबातों में एक दुसरे का तुनक तुन तुन ।
    ना भरे इससे मन तो कहते हैं तू है अफलातून अफलातून ।।

    लड भी लेते हैं झगड़ भी लेते हैं पर जाते हैं डर बिछडने से ।
    इसलिए छेड़ते रहते हैं अफलातून तुनक तुन तुन ।।

    !!Rupanshu!!

    #mirakee #dosti #yaari
    #love_with_no_bounderies
    #abuse_but_without_any_intension
    #called_chamcha_but_4_support

    @jiya_khan @vandi123 @ruhii_ @ru_malik @hs_mama @_shivanya__001 @abhi_mishra_ @fairygurl @singh_piyu @vikashkr

    Thanks yaaro ������
    Thanks to all who supported me
    continuously ������

    Yaari meri sabse hai ��
    Na hai Kisi se dushwari ��
    Ho Jaye khata gar maaf Kar ��
    Dena samjh Kar Rushwaai ������

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    कुछ पल की बातें।
    कैसे दोस्ती में बदल गई पता नहीं चला।।


    मीराकी पर मिले कुछ यार मददगार !
    दे गए दोस्ती की हल्की सी फुहार !!

    बिना कोई भार गरियाते रहते बार बार !
    फिर भी उनमें काजू कतली सी मिठास !!

    ©rupanshu_saneedip