Grid View
List View
Reposts
  • sahib05 12w

    कोई है.

  • sahib05 12w

    कैसे हो रे दुनियावालों!

  • sahib05 13w

    झूठों की बस्ती मिराकी

  • sahib05 13w

    तुम होंठों के ऊपर यूँ हाथ जो रखी हो
    जैसे छुपा के जैसे शराब कोई रखी हो.

    यूँजो नजरें झुका के जनाब जो रखी हो
    जैसे नींदों से चुरा के ख्वाब जो रखी हो.

  • sahib05 13w

    है वो दुश्मन पर दुश्मनी के 'मजे नहीं देता
    देखता है सिर्फ मुझको जीने भी नहीं देता

  • sahib05 13w

    ये तो सच है..

    सरहदों के पार भी उड़ती हैं मिरे नाम से तितलियाँ
    अमां इस शायर पर भी यूँ मरती हैं बहुत लड़कियाँ

  • sahib05 13w

    वो मुझ पर क्यों नहीं लिखता कुछ
    खाली तो कागज की तरह मैं भी हूँ.

  • sahib05 13w

    जिद और धुँए की अब उम्र कितनी है
    दोनों आग के बाद रहते नहीं ज्यादा..

  • sahib05 13w

    सूरज की किरण चाँद के पास से आई
    अंधेरी रातों में मिलने जैसे वो परी आई

  • sahib05 13w

    नेक नीयत है मेरी पर आँखों का भरोसा नहीं है
    हिदायत देता हूँ दुपट्टा थोड़ा सम्हाल के रखिए