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Reposts
  • saknim24 40m

    ख़ता हमारी बस इतनी सी थी
    उन पर ऐतबार ज़्यादा
    और ख़ुद पर बंदिशों की कमी सी थी...
    ©saknim24

  • saknim24 12w

    The warmth of your words
    Flickers poetry into my bloodstream
    Rushed and thrust by the strength of affection,
    It sings verses of our love and I shine with the thought of this melodious trust.

    The warmth of your breath
    Ignites passion in my body
    Puffed and filtered by the canal of feelings,
    It kindles the fire of togetherness and I glow with the promise of this eternal gust.

    The warmth of your love
    Radiates life in my heart
    Pumped up and purified by filaments of emotions,
    It leaves me molten and I shimmer with the drizzle of this fanciful stardust...
    ©saknim24

  • saknim24 13w

    इक परवाना जला लौ में
    कसूर ज्वाला का तो नही,
    क़ुर्बान हुआ वो मुहब्बत में
    ख़ता उसकी भी तो नहीं

    आया मर मिटने इस जहान में
    कसूर वक्त का तो नहीं,
    उम्र जी गया इंतज़ार में
    ख़ता उसकी भी तो नहीं

    मिल गयी हस्ती उसकी ख़ाक में
    कसूर तक़दीर का तो नहीं,
    शमा फ़िर भी रोशन रही बेख़याली में
    ख़ता उसकी भी तो नहीं....
    ©saknim24

  • saknim24 13w

    क्यों नहीं तुम कुछ पल और ठहर जाते
    हमसे मुलाक़ात का लुत्फ़ उठा लेते
    इतमीनान को हम भी महसूस कर लेते
    मुस्कुरा लेते ज़रा सा और ज़रा सा जी लेते
    क्यों नहीं तुम कुछ पल और ठहर जाते...

    वजूद को हमारे, हम पहचान लेते
    मक़सद इन सॉ॑सों का भी जान लेते
    एहमियत धड़कनों की हम समझ लेते
    क्यों नहीं तुम कुछ पल और ठहर जाते...

    ग़र आए ही थे तो थोड़ा और साथ रह लेते
    हमारी कुछ दबी ख़्वाहिशों को सॅ॑वार लेते
    पर तुम तो हमेशा हमारा इम्तिहान हो लेते
    ऐ सुकून! तुम बस ख़्वाब हो बन जाते
    क्यों नहीं तुम कुछ पल और ठहर जाते....
    ©saknim24

  • saknim24 14w

    यहीं कहीं तो बिछड़ गया था मुझसे
    इक उम्र गुज़र गयी,
    पर वह लौटकर न आया.....मेरा बचपन...
    ©saknim24

  • saknim24 15w

    .

  • saknim24 15w

    *हूॅ॑
    *बॉ॑टा
    *बॉ॑धता
    *बहलाऊॅ॑
    *क्यों

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    .

  • saknim24 15w

    उन्होंने कहा लौटकर आएं हैं वो सुनकर हमारी सदाएॅ॑
    सन्नाटों से हमारी मोहब्बत उनसे सही न गयी...
    ©saknim24

  • saknim24 15w

    कुछ इस क़दर उस ज़ालिम ने
    हमें घायल किया,
    न हथियार से, न ज़हर से,
    ख़ामोश लफ़्ज़ों से वार किया....
    ©saknim24

  • saknim24 16w

    मेरी साॅ॑सों का चलना कोई इत्तफाक तो नहीं
    कुछ दर्द के और कुछ खुशियों के कर्ज़ चुकाने अभी है बाकी...
    ©saknim24