shan_e_sifar

xoxo. Insta:- shan_e_sifar

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Reposts
  • shan_e_sifar 1d

    करे इज़हार कैसे वो नायाब सी है साहेब ,
    कुछ मिरी फ़कीरी भी तो बर्बाद सी है साहेब।
    ©shan_e_sifar

  • shan_e_sifar 1d

    बेअसर ये सफ़र तेरे ना आने से,
    अब कुछ कह भी तो नही सकते इस ज़माने से।
    ©shan_e_sifar

  • shan_e_sifar 2w

    कुछ वो अलग कुछ हम जुदा ,कमी कहाँ थी ,
    कुछ हम उनसे कुछ वो हमसी और बात बन गई।
    ©shan_e_sifar

  • shan_e_sifar 3w

    फ़साना-ए-इश्क़ क्या सुने क्या सुनाये ,
    तेरे इश्क़ में हम बस योंही ज़िन्दगी से आगे चले जाएं।
    ©shan_e_sifar

  • shan_e_sifar 3w

    चलो कुछ बातें करते है ,
    न तेरी बातें ,
    न मेरी बातें ,
    न जहां न दस्तूरों की बाते ,
    बस बातें हो ,
    मासूम सी ,
    फ़रेब से परे , ज़िन्दगी के नज़दीक ,
    चलो कुछ बातें करते है।
    ©shan_e_sifar

  • shan_e_sifar 3w

    रूह न छू पायेगा , मैं ग़ालिब कहाँ ,
    तुम मुझे बस लिख़ने दो ,दोस्तों मुझे खुश रहने दो।
    ©shan_e_sifar

  • shan_e_sifar 3w

    ज़माने के कर्ज़ , साँसों की किश्तें ,
    कट रही है ज़िन्दगी ,बस मुसलसल मुसलसल।
    ©shan_e_sifar

  • shan_e_sifar 3w

    क्या कहे वो सहर क्या सहर थी ,
    तुम न थे, बस ज़रा बे असर थी।
    ©shan_e_sifar

  • shan_e_sifar 3w

    यहा सब ज्ञानी है ,
    और सब की अपनी कहानी है ,
    कोई कुछ जानता नहीं ,
    लेकिन पता सबको हर बात अनजानी है ,
    न 'क्यों' का पता न 'क्या' का ज्ञान ,
    बस चाहते है अपनी बातों का सम्मान ।

    ©shan_e_sifar

  • shan_e_sifar 4w

    यो तो कहतें है सब के हम नालायक़ है ,
    कुछ लायक हो इस जहां में तोह उसका पता दो।
    ©shan_e_sifar