shashiinderjeet

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Published auther 'Aviral Dhara ' Co - auther in more than fifteen anthologies column writer in reputed megazines Invented platinum poetry

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  • shashiinderjeet 3d

    आओ दीया जलाएं

    आओ मिल कर दीया जलाएं
    मानव हैं हम , सबको बताएं

    विश्व आपदा की इस घड़ी में
    अंधकार कह हम उसे मिटाएं
    आशाओं के दीप जला कर
    ईश के आगे शीश झुकाएं

    कितने भी मतभेद हों चाहे
    आपदा में सब एक हो जाएं
    मानवता के नियम अपनाएं
    मिल कर हम प्रकाश फैलाने

    आओ मिल कर दीया जलाएं
    मानव हैं हम , सब को बताएं
      
    ©shashiinderjeet

  • shashiinderjeet 4d

    शायरी

    मत कहिये किसी को कि यह बुरा है या वो बुरा है

    जिसकी नीयत में ज़हर भरा है बस वही बुरा है

    ©shashiinderjeet

  • shashiinderjeet 5d

    Ends my Wait

    A spur was enough
    To cyclosis ...
    The momentum of my heart
    A tired wheezing breathe
    Wending badly the heart
    A vexed soul completely
    Warn out ...
    The agonies wading
    In the pool of the heart
    Yearns the piercing heart
    Despondency at its peak
    vacuity occupied
    In distress gone astray
    A serenity lost
    Flow of tremor scorned
    A broken soul had no traits
    To make it secure
    Whoever come to
    Scrape of the layers
    Of sufferings of heart
    It ends my wait

    ©shashiinderjeet

  • shashiinderjeet 1w

    नींद नहीं आती

    वक़्त ठहर जाता है जब नींद नहीं आती
    खुली आंखों जगने को मजबूर है कर जाती

    परेशान हवाएँ आ कर बेचैन हैं कर देती
    सांसों को भी जी भर परेशान हैं कर जाती

    बिस्तर पर करवटें थका देती  बदन सारा
    बेचैनी यह दिल को परेशान हैं कर जाती

    यादें खोल कर डायरी के पलटती है पन्ने
    बेदिली से पढ़ने को मजबूर हैं कर जाती

    दर्द भरे पन्नों को पढ़ने की यह मजबूरी
    दिल के सब ज़ख्मों को हरा हैं कर जाती

    सोचता हूँ कि क्या करूँ  बेरहम वक़्त का
    चोटें इसकी दिल को ज़ख़्मी हैं कर जाती

    ©shashiinderjeet

  • shashiinderjeet 1w

    शायरी

    है फ़लक के आफ़ताब को भी इस बात का गुमाँ
    जन्नत सी इस ज़मीं का बस वो ही तो है खुदा


    ©shashiinderjeet

  • shashiinderjeet 1w

    #सजग रहें !
    सजग रहें हम स्वयं भी
    सबको भी सजग करें
    यह आपदा लघु नहीं
    जानलेवा है यह
    इसका मजाक उड़ाना महंगा होगा
    अपने को अनुशासन में रख
    सभी निर्देशों का पालन करें और
    अपने परिवार व देश परिवार के
    सदस्यों के भी जीवन को बचाने
    का प्रयास करें. ...
    जय हिंद!
    ©shashiinderjeet
    #mirakee@mirakee #hindiwriters#hindishayri #hindinama #writersofinstagram #stories

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    सजग रहें. ...

    हम सब को ईश्वर ने इन लाक डाऊन में प्रोजेक्ट वर्क करने को कहा है अतः
    घर के अंदर रह कर अपनी क्रियात्मक शक्तियों को क्रियान्वित करके ....
    उनके दिए गए प्रोजेक्ट वर्क को करके दिखाएं ....
    अपने साथियों को कोरोना के प्रति सजग करें. ..
    स्वयं घर के अंदर रहें , सबको सजग करें. ..
    जय हिंद !

    ©shashiinderjeet

  • shashiinderjeet 2w

    शायरी

    इक अधूरी सी किताब हूँ मैं
        भर न पाए अहसास जिस में
     वो बस अधूरे अल्फाज़ हूँ मैं
    समझ न आए जो कभी भी
      अधूरे पन्नों की किताब हूँ मैं
    बस अधूरी सी किताब हूँ मैं

    ©shashiinderjeet

  • shashiinderjeet 2w

    Being social ...

    Being social it is our duty
    To save our human beings
    from this deadly virus
    Most important is to stuck at home in isolation
    To save the precious lives
    Please dearies , follow all the health instructions
    Issued to save the lives
    We have to prove ourselves as great socially powerful
    Help each other to prove this mission a successful
    We should follow honestly
    Our social responsibilities in this favour
    We should be grateful to our doctors , nurses , pilots , social workers
    And other helpers who are fighting for the safety of our lives

    ©shashiinderjeet

  • shashiinderjeet 2w

    Poetry

    'Poetry is the emotional spring
    of knowledge flowing from heart .'

    ©shashiinderjeet

  • shashiinderjeet 2w

    शायरी

    इक अधूरी सी किताब हूँ मैं

    भर न पाएं अहसास जिस में

    वो बस अधूरे अल्फाज़ हूँ मैं

    अधूरे पन्नों की किताब हूँ मैं


    ©shashiinderjeet