shivimishra

अपने वजूद की तलाश में

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Reposts
  • shivimishra 1d

    कहाँ से इतनी नफरत ले आते हो
    क्या सरफिरे मुसाफ़िर हो जो
    बस्तियाँ मेरी यूँ हंस के जलाते हो।

    ये कौन सा जादू जानते हो जो
    चुपचाप हवाओं का रुख मोड़ कर
    रौशन चराग़ो से आशियाँ जलाते हो

    निकाल के खुदा को मस्जिदों से
    कैसे भगवान से लड़ाते हो
    लहू से रंगे हाथ अपने कहाँ धो आते हो


    ©shivimishra

  • shivimishra 1w

    ज़िंदगी गुज़र गयी
    एक लम्हा भी जिये बग़ैर
    ©shivimishra

  • shivimishra 2w

    बदलाव -1

    आईने के सामने गुनगुनाते हुए, बाल संवारते राज को अनु ध्यान से देख रही थी। पिछले कुछ दिनों से राज के व्यव्हार मे आ रहे बदलाव ने उसे सकते मे डाल दिया था। क्या सच मे राज बदल गया है या ये मेरे मन का वहम है, अनु आगे कुछ सोच पाती उसके पहले ही मिनी की आवाज़ ने उसके विचारों की रेल को विराम दे दिया।
    मिनी उन दोनो की प्यारी सी , गुड़िया सी बिटिया है। कितनी मिन्नतो के बाद उसे माँ बनने का सौभाग्य मिला था उसे। शादी के पांच साल बाद , तमाम दुआ तवीज और इलाज के बाद आखिरकार जब उपर वाले ने उसकी सुनी, तो राज भी खुशी से फ़ुला नही समाया था।
    मिनी को थपकी दे कर सुलाते हुए अनु पुरानी यादों मे खोने लगी, जब राज और अनु एक दूसरे से बहुत प्यार करते थे और आज का दिन है राज के पास मेरे लिए एक पल की भी फुर्सत नही। प्यार तो अमर होता है ना, फिर क्यों उनके बीच का प्यार हवा हो गया, कौन सी खिड़की खुली रह गयी उनके आशियाने की, जिससे उनका प्यार यूँ गुम हो गया है।


    क्रमशः
    ©shivimishra

  • shivimishra 2w

    Let it go

    When it pierces ur heart
    When u fall apart
    From ur body when soul depart
    Take a deep breath
    And let it go

    When grief is all around
    And the depression surround
    When feeling fall on ground
    Think for a while
    And let it go


    The life is too short
    And your grudges too vast
    When ur heart feels the devast
    Close your eyes
    And let it go.

    When wings are heavy
    Even in the open sky
    The birdie cannot fly
    Allow yourself to cry
    And let it go
    ©shivimishra

  • shivimishra 4w

    उसका हरएक तोहफा संभाल कर रखा है मैंने,
    दर्द बेवफ़ाइ और आँसू भी!!!
    ©shivimishra

  • shivimishra 6w

    जैसे जैसे उम्र गुज़र रही, एहसास हो रहा,
    खुल कर रोना कितना मुश्किल हो रहा!!!
    ©shivimishra

  • shivimishra 6w

    Which society are we living in? Is this generation too busy too practical to take care of their parents? Is old age, sickness only a burden to few these days? Which way are we leading? Where will this lead to humanity?
    Think think think

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    Scary

    Just finished watching "Ghost Stories" On Netflix. The only thing that sacred hell out of me was a paralyzed, old , hungry mother lied dead in a big bunglow,unattended for three days, waiting for her "only" son....
    #ShortStoriesbyShivi

  • shivimishra 8w

    Happy new year all my dear mirakians ��

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    ना बदल सका गुज़रा हुआ साल भी
    इंकार तेरा और इकरार मेरा!!!
    ©shivimishra

  • shivimishra 12w

    आग

    एक आग थी दहेज की
    एक आग है हवस की
    कल भी जल रही थी
    वो आज भी जल रही

    आंसुओ से ना बुझेगी
    ये आग आग से बुझेगी
    टूटी ये चूड़ियाँ अब
    तेरी आँख मे भी चुभेंगी

    ख़ामोशी थी जब वो
    काजोर समझी गयी
    वो अकेली द्रौपदी थी
    कौरव वंश लील गयी थी
    ये हज़ार द्रौपदी हैं
    सोचो क्या कहर ढायेंगी
    गरजेनगी अगर तो
    विनाश ले आयेंगी।।
    ©shivimishra

  • shivimishra 12w

    समाज

    कभी कभी, यूँ ही
    सोचती हूँ,
    आसाँ बहोत है ना
    समाज को दोष देना
    अपनी सोच की बूराइयों का
    दोषरोपण समाज पे कर देना

    अक्सर सुनती हूँ
    उत्पिड़ित को दोषी ठेहराते हुए
    क्या जरूरत थी इतनी रात को घुमने की
    या इतने छोटे कपड़े पहनने की
    वो लड़की ही ऐसी होगी


    कैसा आदमी है बीवी की सुनता है
    कैसा आदमी है बीवी को कुछ नही समझता
    समाज क्या है
    मेरी आपकी सोच है
    सोच का विकृत रूप है

    बहोत आसाँ हैं आईना दिखाना
    और उतना ही मुश्किल् आईना देखना
    बेहतर समाज, के लिए
    मोमबतियाँ जलाना उपाय नही
    सामने हो रहे आत्याचार पर आवाज़ उठाना
    हमे क्या नही हम क्यों नही सोचना

    अपनी सोच अगर बदले
    तो समाज भी सुंदर होगा
    #just a thought
    ©shivimishra