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  • shreeram278 18w

    Simple life is a Happy Life
    ©shreeram278

  • shreeram278 18w

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  • shreeram278 18w

    Every Master
    Was once
    A begginer.

    ©shreeram278

  • shreeram278 18w

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  • shreeram278 19w

    ख़्वाहिश

    'ख़्वाहिश नहीं मुझे मशहूर होने की।
    आप मुझे पहचानते हो बस इतना ही काफी है।
    अच्छे ने अच्छा और बुरे ने बुरा जाना मुझे।
    क्योंकि जिसकी जितनी ज़रूरत थी उसने उतना ही पहचाना मुझे।

    ज़िन्दगी का फ़लसफ़ा भी कितना अजीब है,
    शामें कटती नहीं, और साल गुज़रते चले जा रहे हैं....

    'एक अजीब सी दौड़ है ये ज़िन्दगी,
    जीत जाओ तो कई अपने पीछे छूट जाते हैं,
    और हार जाओ तो अपने ही पीछे छोड़ जाते हैं।
    बैठ जाता हूं मिट्टी पे अक्सर...
    क्योंकि मुझे अपनी औकात अच्छी लगती है..
    मैंने समंदर से सीखा है जीने का सलीक़ा,
    चुपचाप से बहना और अपनी मौज में रहना।
    ऐसा नहीं है कि मुझमें कोई ऐब नहीं है पर सच कहता हूं मुझमे कोई फरेब नहीं है
    जल जाते हैं मेरे अंदाज़ से मेरे दुश्मन क्यूंकि एक मुद्दत से मैंने न मोहब्बत बदली और न दोस्त बदले..!!
    एक घड़ी ख़रीदकर हाथ मे क्या बांध ली..
    वक़्त पीछे ही पड़ गया मेरे..!!
    सोचा था घर बना कर बैठूंगा सुकून से..
    पर घर की ज़रूरतों ने मुसाफ़िर बना डाला !!!
    सुकून की बात मत कर ऐ ग़ालिब....
    बचपन वाला 'इतवार' अब नहीं आता...
    ~हरिवंश राय बच्चन

  • shreeram278 19w

    ©shreeram278

  • shreeram278 19w

    Promises are made to be Broken


    ©shreeram278