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Reposts
  • shreya__mishra 9w

    क्या अब कुछ कहना चाहिए?
    नहीं, मेरी बातें अब मेरे दिल में ही रहनी चाहिए..

    दुनिया से बता कर क्या पा जाएंगे
    थोड़ी देर की तसल्ली फिर हम कहां जाएंगे?

    मेरी बातों को सुनकर लोगों को
    तरस आ जाएगा,
    फिर वही बातें बोलकर वह दूसरों को सुनाएंगे
    फिर हम कहां जाएंगे?

    मायूसी है पर दिखाना नहीं चाहते
    अपनी बातें किसी से बताना नहीं चाहते
    इस फरेबी दुनिया को जो हम अच्छा समझ जाएंगे
    फिर हम कहां जाएंगे?
    ©shreya__mishra

  • shreya__mishra 10w

    कहना बहुत कुछ था
    मगर कुछ कहने की जरूरत ही ना पड़ती
    जो तुम समझते..
    ©shreya__mishra

  • shreya__mishra 13w

    मुझे लिखना कुछ है मैं कह कुछ और जाती हूं
    खुद के सवालों में कुछ इस कदर उलझ जाती हूं
    मंजर चाहे जैसा भी हो मैं खुद को आजमाती हूं
    खुद की आजमाइश में मैं दूसरों का दिल दुखा जाती हूं..
    ©shreya__mishra

  • shreya__mishra 13w

    कभी पढ़ना उन ख़तो को हमारी याद जरूर आएगी
    थोड़ी देर को ही सही पर रब से फरियाद की जाएगी....

    मासूम से नादानियां करके
    बड़े-बड़े रिश्ते निभाया करते थे
    खता चाहे जिसकी भी हो
    हम सिर झुकाया करते थे
    हां हम भी कभी लोगों को याद आया करते थे..

    आज मेरे जनाजे का दिन है
    जो लोगों की शामो पे भारी है
    हां आज हर किसी ने की है मेरे मरने की तैयारी है...

    वो शक्स फूल ताजे लाया है
    जो कभी अपना रुतबा दिखाया करता था
    जब हम बात करने जाते थे उसके दर पे वो चुप हो जाया करता था...

    आज हमें नए कपड़ों से नवाजा गया है
    हमारे सत सिंगार पर गौर फ़रमाया गया है
    वो जो चीज हमें सबसे अजीज थी उसे हमसे दूर कराया गया है
    "कब्र में कोई कुछ साथ लेकर नहीं जाता" यह हमारे अपनों को समझाया गया है...


    दिलों की दूरियां थी जिनसे हमारी
    वो आज हमारे करीबी बन बैठे
    "नेक इंसान था बहुत" ये दुनिया से कह बैठे...

    आंसु बहाए जा रहे हैं वो
    जो हमारी कद्र नहीं किया करते थे
    प्यार के दावे किए जा रहे हैं वो
    जिनके लिए हम दर-दर भट्टका करते थे...

    ये मेरी मौत ने तो सारा मंजर ही बदल डाला
    यहां खड़े है हर शख्स को मेरा अपना बना डाला
    पहले पता होता तो खुदा से दरखास्त करता मैं
    अपने अपनों से मिलने के लिए जीते जी मौत की आस करता मैं...
    ©Shreya Mishra

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    जनाजे का दिन

    ये मेरी मौत ने तो सारा मंजर ही बदल डाला
    यहां खड़े है हर शख्स को मेरा अपना बना डाला
    पहले पता होता तो खुदा से दरखास्त करता मैं
    अपने अपनों से मिलने के लिए जीते जी मौत की आस करता मैं...
    ©shreya__mishra

  • shreya__mishra 13w

    चलो वक़्त की किताब को थाम लेते हैं
    और उसके हर एक पन्ने में तुम्हारा नाम लेते हैं..
    ©shreya__mishra

  • shreya__mishra 13w

    उसूलों से घिरा इंसान हूं मैं
    इसलिए जिंदगी में थोड़ा ज्यादा परेशान हूं मैं...
    ©shreya__mishra

  • shreya__mishra 13w

    काश तुम आते और कहते कि तुम्हें मेरी याद आज भी उसी तरह आया करती है
    जैसे सावन में आसमा से बूंद गिरने को तरस जाती है ।।।
    ©shreya__mishra

  • shreya__mishra 13w

    बिखरी जुल्फे और आंखें नम है
    कोई तो है जो खुद की सादगी में मगन है..

    मगन- मगन घूमे रे वो सारे जहां में
    लोग उसे दीवानी कह कर बुलाते हैं
    ना जाने कितने राज उसके ये गुम रहने में दिख जाते हैं....

    उसने बरसों बिता दिए इंतजार में
    पर वो शख्स आया नहीं
    इस दीवानी के प्यार को वो समझ पाया नहीं..

    उसकी हंसी में एक दर्द है
    वो खुद की ही हमदर्द है..

    मुश्किलें है उसके जीवन में हजारों ही सही
    पर वो किसी के आगे झुकने वालों में से नहीं..

    खुद्दारी है उसके खून में
    आंखों में जुनून है
    वो तो अपने मां बाप का ही सुकून है ..

    टूट जाने वालों में से नहीं है वो
    वो बिखर के संवरती कमाल है
    खुद के जैसी इकलौती वही बेमिसाल है...
    ©shreya__mishra

  • shreya__mishra 13w

    ये कैसी दुनिया है जहां मेरा कोई पता नहीं
    इन अनजान शहरों में कोई अपना मुझे मिला नहीं...
    ©shreya__mishra

  • shreya__mishra 14w

    That sparkling eyes
    Make everyone's falls for it..
    But nobody knows the secret of those eyes
    Which cry in tears at every night...
    ©shreya__mishra