shriti_

आखरी गजल ..see u in 2021

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  • shriti_ 6w

    मेरी मय्यत में कंधों की कमी जो आए
    छोड़ देना ताबूत वहीं, बस वो ना आए!
    - श्रिति
    Ji ji ji
    Aakhri gazal likh rahi thi likh chuki hu ...
    Pta h
    Bohot hi ajeeb sa rishta h mirakee se...
    Jab bhi ati hu bohot pyare dost bohot pyare teachers milte h bohot kuch seekhne ko milta h ..
    Aaj phir bura lag raha jane pr ..pr theek h hum sab yahi toh h. ..
    Phir milenge kisii shayra se kisi ek or shayri ke shamshan me...
    Tab tak k liye
    Tata byeeee ...
    See u in 2022. Agr china ne jinda choda toh��������
    Pr comments me bata dijiye ki kaisi h ..... ��������

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    आखरी ग़ज़ल

    मैं पन्नों पर अपना दिल रख रही हूं
    गौर से पढ़ना आखरी ग़ज़ल लिख रहीं हूं!

    ये मेरा सफ़र था सूखे पत्तों के जैसा
    मैं शब भर में टूटी सहर में बिखरी
    शायरा की फितरत भी यूं कुछ अनोखी
    ये आंसूई बहर से और निखारी

    वक्त बढ़ता गया मैं वहीं रह गयी
    मुझसे ही वफाओं में कमी रह गई
    कोई हैरा भी हो क्यूं परेशां भी हो क्यों
    मैं कीचड़ की उमड़ी वहीं रह गई

    पर ये इत्मिनान है मेरी नजर को
    के तुम अब ना आना मेरी कब्र को
    और वो एहसान तुम्हारा कुछ यूं चुकेगा
    मैं बरसूंगी जब जब ये सावन हंसेगा

    तुम अपना सफर अब खुश हो कर चलना
    मेरा किस्सा भी आए तो तुम अब ना सुनना

    मैं बीता हुआ एक कल लिख रहीं हूं
    गैर से पढ़ना आखरी ग़ज़ल लिख रही हूं!
    ©shriti_

  • shriti_ 6w

    मैं मोम नहीं
    मैं सख्त बहुत
    मैं खुद में खुद ही
    व्यस्त बहुत!
    ©shriti_

  • shriti_ 6w

    कल भी बरसे अबर तो ताज्जुब क्यों
    हर बादल रुख भिगोने ही तो आता है!
    ©shriti_

  • shriti_ 6w

    कश्तियो को किश्तों में क्यों पार कराया जाए
    भंवर में डूबने से बेहतर यही डूब जाया जाए!
    ---श्रिति

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    फितरत

    कोई आस क्यों हो जब उल्फत यूं है
    तू शर्म कर शायरा तेरी फितरत यूं है

    कोई बदले मेरे कमरे का हाल
    मैं वो नहीं ,मेरी कुदरत यूं है

    अरे बस शायरी से छल रही हो,
    क्या कहें अब कुछ, तेरी हसरत यूं है

    और ना जाने क्या बिगाड़ा तेरे अपनों ने तेरा
    तू खुद का ही घर न जला लें , तेरी नफरत यूं है!
    ©shriti_

  • shriti_ 6w

    Apko sabse achaa sher kon sa laga ...tell me pakka pakka��..
    Or jo is shaili ko padhne me ruchi rakhta ho ..use aap bhi tag kr dijiyega ��
    #meanings
    हर्फ- शब्द
    नशिस्त- कुर्सी या बैठ ने की जगह
    आब - जल
    जहमत - कष्ट
    कशमकश- विडम्बना
    दर ब दर - अव्यवस्थित
    चारसाज- चिकित्सक
    After a short break ��
    Hope u like it ..
    ना खत है
    ना पता है
    ना मौत है
    ना अता है!

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    क्या करोगे!

    मेरे हर्फ कि बस लिखावट पढ़ोगे
    अरे अरे पता है तुम सब और क्या करोगे

    हम सुबह के चले हैं हाल ना पूछो
    तुम भी क्योंकि दोपहर ही करोगे

    नशिस्त है दावत है आब भी है
    पर भूख नहीं मुझे, अब क्या करोगे!

    लाओ यही खोद दे दो गज जमीन
    मेरे मरने पर ऐ! यारो तुम क्यों जहमत करोगे!

    इसी कशमकश में हाल बढ़िया कह देते हैं
    की तुम जान भी गए तो क्या करोगे!

    कभी दर ब दर हो कर देखना शायरा सा
    तब पूछेंगे चारसाज , तुम क्या करोगे!
    ©shriti_

  • shriti_ 6w

    मुफलिस कफारा क्या करें
    सागर किनारा क्या करे,
    मुझे मेरे जिस्म के लिए दो गज कफन रखने दो..
    शायरा,
    ये आशिकों का सहारा क्या करें!
    ©shriti_

  • shriti_ 7w

    Blind feminist toh main hu bhi nhi bs thodi mentally sick hu��
    So that's why I m extremely interested in those terms..liberty equality secularism or whatever
    , ��which r mentioned in the book called CONSTITUTION OF INDIA...
    But actually there is nothing to do with constitution I india , n obviously u know ...why! N the book which is less needed or less read or .less used is the one of the most heavy one..����
    But m not saying these words to my country's constitution ...I m not Taunting either
    I m just saying that CONSTITUTION OF INDIA is the longest n heaviest constitution book in the world����������

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    ये वो समंदर नहीं इसका किनारा और है
    मेरी खिड़की से देखो , बाहर का नज़ारा और है!

    छू छू के हर मर्द ने थामा एक गुल को
    अरे अजियत भले आए पर , ये अंदाजा-ए-सहारा और है!

    मां कहती है सड़कों पर रुकना मत कोई पुकारें तो,
    हमारी मां के बेटों ने क्योंकि सड़कों संवारा और है!
    ©shriti_
    अजियत- awful feel

  • shriti_ 7w

    Sabhi sher apne me swatantra artg rakhte h...
    Toh aap isse swatantra hi padhe..
    Apki fav line kon si h .. comments me jarur bataye..

    Or apke suggestions k liye toh likha hi h toh wo toh apko dena hi padega������������

    Khalk - land
    Rivayat- tradition
    Aali- better

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    Padh kr hi like kre

    मेरी जिंदगी अब किसी से यूं मुखातिब नहीं होगी
    खल्क तू बदलती रह पर वो बारिश नहीं होगी

    उसका छोड़ जाना , किसी का मिल जाना क्या कहता है
    की तू वो तवायफ है जो तवायफ भी नहीं होगी

    मैंने खुद की कब्र को मजार कर लिया है
    जिस्म फरोश तक चादर ले आए, कहते अब इबादत यहीं होगी!

    देखा है परिंदों का शेर सूख जाने के बाद का हाल
    मैं कहती अब मुझसे ये रिवायत नहीं हौगी!

    काफिरों का काफिला काफिराना रहने दो
    कम से कम इन में तो मेरे मुलक सी मजहब की मिलावट नही होगी!

    शायरा इश्क करो, छोड़ दो,फिर बदनाम करो
    इतना दिया तूने इससे आली इनायत क्या होगी

    मेरे मौजूदा हाल को मद्देनजर रख कर कहूं तो
    एक ताबूत है ,सफेद चादर चढ़ी जिसमें रुह मेरी घुट रही होगी

    मै बडे मज़े में हूं तेरे जानें के बाद
    तेरा बता ,तेरी भी बढ़िया कट रही होंगी!
    ©shriti_

  • shriti_ 7w

    पैकर की इबादत करने वालों
    मत करो हराम शायरा,
    इसे मोहब्बत का नाम देके,
    मजलिसों में चीखना वाजिब नहीं
    चलो घर क्या मिलेगा यहां शाम कर के
    ©shriti_

  • shriti_ 7w

    Chann te lai ..
    Taare ki hovenge...
    Ae te tut jande ek din , na..
    Te ae bechare ki hovenge
    -shriti

    ( Chand k liye yr tare kya hi honge
    Ye toh tut jate h na toh bechare kya honge)

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    टूट जाए एक तारा
    तो फ़र्क क्यो हो चांद को

    मत रिहा करो उसकी यादों को
    मुझे और बांध दो!

    वक्त दीजिए जिस्म दीजिए दीजिए दिल
    और क्या करोगे रख के ये , जान...दो

    और किस कब्र में दफानाओगे रूह शायरा की,़
    इसे भी बुलाओ मिय्यता में इसकी
    इसे इतना तो इकराम दो!!
    ©shriti_