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  • shriyash1203 4d

    इस कीचड़ का मैं एक अंश हूँ |
    इस कीचड़ का मैं भी तो एक रंग हूँ |

    यह कीचड़ जो था रंगों से भरा |
    किसी एक से नहीं इन सबसे बना |

    हाँ जरूर इस कीचड़ में समाये थे कई रंग |
    मगर इस कीचड़ का तो न था कोई भी रंग |

    फिर क्यों यह कमल खिल आया रंगों में बटा हुआ |
    फिर क्यों यह कमल खिल आया नफरत से भरा हुआ |

    यह नफरत क्यों है किसके खिलाफ है ?
    क्या भूल गए है हम मोहोब्बत करना ?
    यह गुस्सा क्यों है किसके खिलाफ है ?
    क्या भूल गए है हम अन्याय के खिलाफ लड़ना ?

    कीचड़ को है सब भूल गए |
    अब यह रंग हमारी पहचान है |
    इंसानियत को है सब भूल गए |
    अब सिर्फ धर्म हमारी पहचान है|

    जो अपना मकसद भूल चूका है वो धर्म |
    जो नफ़रत का घर बन चूका है वो धर्म |

    जिसका काम था जोड़ना आज तोड़ रहा है वो धर्म |
    जिसका काम था बचाना आज मार रहा है वो धर्म |

    यही एक बात दिल को चुभ रही है |
    धर्म की कीमत इंसानो से ज्यादा अब लग रही है |


    ©shriyash1203

  • shriyash1203 1w

    थक गया हूँ दिल को समझाके की उनसे बेइंतेहा नफरत करता हूँ |
    हर बार ये बोल उठता है की आज भी उनसे मोहोब्बत करता हूँ |
    कुछ इस कदर गुजर जाता है हर दिन यादों की तपीश में ,
    बस कभी कभी उनके तब्बसुम की छाव ओढ़ लेता हूँ|



    ©shriyash1203

  • shriyash1203 10w

    Claps for the people who are giving rape threads and constantly abusing a lady (agrima joshua) to protect dignity of our Chhatrapati Shivaji Maharaj ,
    A person who wished to be borned from a womb of enemies beautiful daughter after seeing her beauty,
    A person who punished his own man for raping a poor woman,
    A person who was said to be the protector of women's dignity, might have been feeling proud in his tomb because of your act of bravery , cool guys you are making him proud , aren't you ???.
    I don't think that Chhatrapati Shivaji maharaj's greatness needs our so called protection . He is great and no one can change it . We can not force anyone to respect him if you want others to respect him then show them practically why he is said to be 'rayatecha Raja' by solving main issues of Maharashtra and making it as beutiful as Chhatrapati Shivaji maharaj's swarajya , not by your acts of hollow bravery .

    ©shriyash1203

  • shriyash1203 10w

    Democracy nowadays

    nowadays people prefer the choice to choose between two sweetshop owners. Doctors also don't fight the election . I think this is because doctors know that people will always choose the sweet shop owners and abuse or threaten the doctor.


    ©shriyash1203

  • shriyash1203 12w

    सूरत बादल सी सजाके गम बयान नहीं करते |
    यु हर पन्ना जला के किताब पढ़ा नहीं करते |
    हाँ दीन में गम का सूरज राज करता है आसमान में जरूर ,
    मगर फिर भी सितारे टीम-टिमाना छोड़ा नहीं करते |


    ©shriyash1203

  • shriyash1203 12w

    Shayad meri har nazm meri likhavat ki tarah hoti hai ,
    Jise dekh pate hai sabhi magar samajh me kisi ke nahi ati hai .


    ©shriyash1203

  • shriyash1203 12w

    हर ज़िन्दगी एक कश्मक़श भरी कहानी बयान करती है,
    मगर होती है लांखों में कोई एक जो कई जिन्दगियां सवारा करती है|
    हर कहानी के होते है पेहलु कई ,
    मगर उसका अंज़ाम लिखनेवाले की कलम तय किया करती है|


    ©shriyash1203

  • shriyash1203 15w

    एक अधुरा पन्ना

    आज फिर वो दोस्त याद आयी |
    वो अधूरी कहानी आज फिर याद आयी |

    शायद उसके लिए मैं बस एक अज़नबी था, मगर दोस्त थी वो मेरी |
    शायद मज़बूरी में ही सही मगर बड़े ग़ौर से सुनती थी, हर एक नादानियाँ वो मेरी |

    मगर आज बस याद आती है वो हसीं उसकी |
    मगर आज बस याद आती है वो फ़िक्र भरी डाँट उसकी |

    वो दोस्त थी क्युकी बच्चों की तरह वो पाक थी |
    वो दोस्त थी क्युकी मुझसी ही वो भी परेशान थी |

    ज़रूर वो बातें थी कुछ घण्टों की |
    जरूर वो मुलाकातें थी कुछ मिनिटों की |

    पर मैंने तो थे बस अल्फ़ाज़ गिने |
    पर मैंने तो थे बस वो पल गिने|

    एक दिन वो गुस्सा हुई मुझसे |
    पता नहीं क्या खता हुई थी मुझसे |

    जब मनाना चाहा तो मुझसे औऱ रूठ गयी |
    रूठ के वो और ज्यादा चुप हो गयी |

    पता नहीं ये हुआ ही क्यों था या तो खता मेरी थी ,
    या तो उसे ही ये दोस्ती बोझ लगती थी |

    अब बस एक सन्नाटा बचा है |
    अब बस एक सवाल बचा है |

    वो सवाल जिसका मेरे पास कोई जवाब नहीं |
    वो सवाल जिसका अब कोई मतलब भी नहीं |

    एक पन्ना जिंदगी का उसने थोड़ा भर दिया |
    कुछ पूरा पर कुछ अधूरा छोड़ दिया |

    मुलाक़ात हो किसी मोड़ पे अब बस यही आरज़ू है |
    ये पन्ना पूरा कर पाऊ अब बस यही आरज़ू है

    गुफ़्तगू ना सही दो लफ्ज़ ही बोल दूंगा |
    दोस्ती ना सही अलविदा ही कह दूंगा |
    और इस कदर इस पन्ने को मैं पूरा कर दूंगा|


    ©shriyash1203

  • shriyash1203 15w

    झुठ का मसाला लगाके बातों को ज़ायकेदार बनाना आजकल का रिवाज़ बन चूका है |
    अब करें भी तो क्या सब, कड़वे करेले से हर कोई परहेज़ भी तो कर चूका है |


    ©shriyash1203

  • shriyash1203 16w

    गुज़रे हुए हसीन पलों का मैं हिसाब मांगने आया हूँ|
    तेरी मोहोब्बत नहीं बस अपनी ख़ुशी मांगने आया हूँ|
    वो जो सबसे नायाब है उसीकी आरज़ू है मुझे|
    आज मैं वही तेरी मुस्कुराहाट मांगने आया हूँ|


    ©shriyash1203