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  • surbhi_verma 1d

    SUNSET !
    Darling it's not the END of day !
    It's the moment when ,
    you can dip yourself to the glittery gold :
    To get a better YOU next morning !
    Always remember -
    It's never to late to shine !

    ©surbhi_verma

  • surbhi_verma 1w

    Socha hai ek alg jahaan basaaun !
    Naqaabo se dur , asliyat me kho jaaun !
    Khtra INSAANO se hai na ,
    To kyu na inhi se dur ho jaau
    ©surbhi_verma

  • surbhi_verma 1w

    Ek aasmaan baanaaya hai maine ☁️
    Apne hi chune sitaaro se
    Ye jo teen-chaar sacche dost hai na ❣️
    Ye behtar hai jhuthe hazaaro se

    Ye dosti kaam nahi degi ; thora mushkil sawaal hai !
    Sacchi dosti ? Ye to mohobbat se bhi kamaal hai !!

    Ye chehre aaj-se hi rahenge : iska daawa nhi h
    Chlo shukr hai , chehre saamne hai koi dikhawa nahi hai !

    Aaj baat jhutho ki karu hi kyu ?
    Unke liye ye kaagaj bharu hi kyu ?

    Wo dost hi kya jo meri kamyaabi se jal gaye !
    Asliyat ka darshan dekr usi shaam nikal gye .

    ©surbhi_verma

  • surbhi_verma 2w

    We have build a craze of so called realtionship and nothing !
    And gave them a name called love

  • surbhi_verma 2w

    ये जो इश्क़ नाम की बीमारी है ,
    इसी में फंसी दुनिया सारी है ।
    प्यार - दो बातें , मुलाकातें , बिताई रातें नहीं है ,
    इंतेज़ार , विश्वास,त्याग है प्यार,- बस पुरानी बातें नहीं है ।
    वफा की कसमें खाने वाले ही
    अक्सर बेवफाई कर जाते है ,
    हवस को प्यार कहने वाले आशिक़ ,
    प्यार को कहां समझ पाते है ।
    प्यार का सफर तो वहां से शुरू होता है ,
    जहां गलतफहमी से रिश्ता ख़तम होता है ।
    शायद ! आज मेरी स्याही ख़तम हो जाएगी पर
    ये प्यार की परिभाषा अधूरी ही रह जाएगी ।
    ©surbhi_verma

  • surbhi_verma 2w

    इश्क़ भिगोया था मैंने एहसासों की स्याही में ,
    दिल के अनगिनत टुकड़े आज भी गवाह है !

    इन अनगिनत टुकड़ों से किताबें भर देंगे ! क्या करे ?
    कमबख्त मेरे अल्फ़ाज़ आज भी लापरवाह है !


    ©surbhi_verma

  • surbhi_verma 3w

    Better you count stars , rather counting my TALENTS ✌️


    ©surbhi_verma

  • surbhi_verma 3w

    ये तो मेरी स्याही की ज़िद है
    वरना मै इरादों की कमजोर कहां !
    ये तो जाज़बातों की महफ़िल है ,
    वरना मेरे कायदे इतने कमजोर कहां !
    ©surbhi_verma

  • surbhi_verma 3w

    सुना है , बहुत गुरूर है तुम्हे अपनी हैसियत पर !
    लाजमी है ! किसी चीज की कमी जो नहीं होती है ।
    पर भूल मत जाना आज पर* है कल कट* जाएंगे , आखिर !
    उड़ान शुरू भी जमीन और ख़तम भी ज़मीन पर होती है ।
    ©surbhi_verma

  • surbhi_verma 3w

    " शर्त पे शर्त ! "
    चलो अब ...
    सौदे को प्यार का नाम देना बंद करो ।
    क्या कहा - तुम्हारा प्यार सच्चा है ?
    तो सुनो ,
    अपने जज़बात को औकात में पाबंद करो ।

    ©surbhi_verma