tapish_

तेरा एहसास ही मेरे अल्फ़ाज़ हैं

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  • tapish_ 5w

    जमीं भी ऐसी जिसपर आसमाँ न था,
    कैसे बनाते आशियाँ, साथ तू ही न था
    ©tapish_

  • tapish_ 5w

    #five words
    मृत्यु ,आंखें, पाप,पश्चाताप ,तुम्हारी
    @amateur_skm @mittal_saab @jignaa_ @childauthor_345 @harshvardhan__

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    यादें-2

    पाप से भरी तुम्हारी आंखे.......अब किसी की मृत्यु पर पश्चाताप करें कैसे
    ©tapish_

  • tapish_ 7w

    @amateur_skm बड़े भाई ,बताना छोटा भाई कैसा लिखता है ����
    एक कहानी लिखने की कोशिश कर रहा हूँ कुछ नई सी ,आगे की कहानी आप सब लोगों के प्यार पर निर्भर है����

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    सयोंग

    सोनम अपनी ही उधेड़बुन में उलझी ,प्यारी सी बेटी बेहद चाहने वाला पति खुश तो थी ।मगर कहीं बचपन का ख्वाब उसे परेशान कर रहा था,अपनी दोनों बहनों के साथ बचपन काफी ख़ास बीता था, एक भाई की तरह उसने अपना बचपन गुजारा था, मां आज नाश्ते में क्या है अरु की आवाज़ ने उसे जगा दिया। इडली सांभर तैयार है सोनम ने चहक के उत्तर दिया। अंश ने प्यार से सोनम के देखा,"अरे यार सोनू ,कितना काम काम करोगी, स्कूल नही जाना है"नही आज छुट्टी हैं सोनम ने पति को बताया। काफ़ी प्यारी दुनियां थी सोनमकी ,लेकिन सोनम अपनी बड़ी बहन के फोन को भुला नही पा रही थी," सोनू , दिवाली पर अपने लिए कपड़े खरीद लेना मैने पैसे तेरे एकाउंट में डाल दिये है," दीदी मेरी शादी को 18 साल हो चुके है कब तक भेजती रहोगी पैसे,"सोनम ने पूछा ।बड़े प्यार से दीदी ने कहा"तू तो मेरा छोटा भाई है,वो जीवन भर रहेगा" हाँ ये सच था मैंने भाई के फर्ज़ तो हमेशा निभाये थे मगर ये दो जीवन जीना कठिन है एक औरत क्यों बनाया भगवान ने काश मैं छोटा भाई ही होती दीदी की।लेकिन अंश और अरु ने उसको इतना प्यार दिया जिससे वो औरत के रूप में भी सफल थी मगर उसके अंदर का छोटा भाई उसे हमेशा कचोटता रहता ,दीदी के बेटे की शादी है मुझे ही सारे इन्तज़ाम करने हैं बस वो तैयार होकर दीदी के घर निकल गई।
    क्रमशः.......
    ©tapish_

  • tapish_ 7w

    हक़ीक़त

    लबों पे आती है हक़ीक़त
    तेरी पाक मुहब्बत देखके,
    डर है न खो दु तुझे मैं,
    बस खमोश हूँ यही सोच के
    ©tapish_

  • tapish_ 7w

    आसमा(क्रमशः)

    मैंने देखा कि मेरा बड़ा भाई सौरभ अपनी classmate से टकराकर गिर गया वो लड़की अपनी copy वहीं छोड़ कर भाग गई, मेरे भाई ने भी उसकी copies नही उठाई, मैने मौके का फ़ायदा उठा कर वो किताबें उठाई और एक चपरासी को वो कॉपी देने से पहले चार कॉपी में" love you सिर्फ तुम्हारा सौरभ" लिख दिया,
    By chance वो कॉपी maths टीचर की भी थी जो हमारी vice principal थीं,जब उन्होंने असमा से पूछा तो उसने सारा हादसा बताया साथ ही कहा ये copy तो वहीं सौरभ के पास थी, बस vice principal ने मम्मी को अगले दिन बुलाया और पूरी बात बताई ,मम्मी ने जब मुझसे पूछा तो मैंने बताया "मम्मी मुझे नही पता मगर भाई किसी plan की बात कर रहे थे" फिर मम्मी ने भाई का घर आने का इन्तज़ार किया,आप जानते ही है फिर क्या हुआ होगा, एक बार फिर मेरे दिल को ठंडक मिली,मैंने बहाने से श्रुतिका दीदी को भी बुलाया ठंड में icecube मिलाने को
    नोट (आज तक ये बात मैंने किसी को भी नही बताई छोटी बहन को भी नही)
    मां _का लाडला_कृष्णा
    ©tapish_

  • tapish_ 9w

    एक ख्वाब हूँ मैं,
    जिसके चेहरे नही होते,
    न छोड़ दे तू हाथ मेरा,
    अगर मेरी हक़ीक़त
    मालूम हो तुझे,
    बस इसी डर से हम नही सोते,
    ©tapish_

  • tapish_ 9w

    #five words सावन ,शोर, चूड़ी, मेहंदी, झूला
    @mittal_saab @amateur_skm @jigna_

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    पिय ,
    अबकी सावन तुम जो आना,
    मेंहदी हाथ तुम लगाना,
    चूड़ियां हरी मै पहनूं,
    तुम मुझ पर रीझ जाना,
    झूला अमवा की डारी में
    तुम लगाना,
    झूलूं मै बावरी बन,
    गीत तुम सुनना,
    पपिहा शोर मचाए हैं,
    कितना वो सताए है
    बाहों में अपनी छुपाना
    फिर न लौट के तुम जाना,
    पिया
    अबकि सावन तुम जो आना।
    ©tapish_

  • tapish_ 9w

    अश्कों की बस्तियां फिर गुलज़ार हुई,
    मैंने भी मुहब्बत की ख्वाहिश की है,
    ©tapish_

  • tapish_ 9w

    मिलना बिछड़ना ये किस्मत है यारो,
    दिल उसने मेरा कभी दुखाया नही
    ©tapish_

  • tapish_ 9w

    बदला

    बात पिछली सर्दियों की है मै अपनी छोटी बहन के साथ खेल रहा था तभी जोर जोर से पीटने की आवाज़ आई।"ये क्या हुआ" मैंने अपनी बहन से पूछा ।"अरे,कृष्णा भईया , बड़े भाई( सौरभ) हमेशा की तरह पीटे जा रहे होगें"वो खिलखिलाकर बोली। उस दिन मुझे भी आइडिया आया मैंने मम्मी की अलमारी की चाभी बड़े भाई की आलमारी में छुपा दी, मुझे और छोटी को रात का इंतजार था, तभी पड़ोसी श्रुतिका दीदी जो सब जानती थी मम्मी के पास आई,"आँटी, क्या आप मम्मी को अपनी नीली वाली साड़ी पहनने के लिए दे सकती हैं अभी ,शादी में जाना है" मम्मी खुशी से बोली"हाँ बेटा अभी देती हूँ"फिर अलमारी की चाभी ढूँढने लगी,"क्या हुआ आँटी साड़ी मम्मी को चाहिये नही मिल रही क्या?"श्रुतिका दीदीने पूछा।बात इज्ज़त की थी, मम्मी को गुस्सा आने लगा, तभी मैंने कहा,"मम्मी आपकी अलमारी की चाभी मैंने भाई की अलमारी में देखी थी जब वो चॉकलेट निकाल रहे थे"मम्मी तेजी से भाई के कमरे में पहुँची वो चाकलेट खा रहे थे,"तुमने मेरी अलमारी की चाभी देखी" मम्मी ने पूछा।"मम्मी मेरे पास फ़ालतू की चीज़ें नहीं है"भाई ने मुँह बना कर कहा और खाना शुरू रखा, मम्मी ने चाभी भाई की अलमारी से निकली फिर क्या हुआ होगा आप सब जानते ही है
    मम्मी का लाड़ला कृष्णा
    ©tapish_