Grid View
List View
Reposts
  • tushar_1999 10w

    Corona ने कितनो को मारा??
    चलो आज नकारात्मक नही सकारात्मक बाते करते है,,
    इसने हमें क्या क्या दिन नही दिखया?
    न जाने क्या क्या सिखया,
    इसने तोह हाथ मिलाकर किसी को wish करने से अच्छा हाथ जोड़कर नमस्ते करना बताया,तब ही तोह पूरी दुनिया ने इसे अपनाया।
    इस ने भारत की विद्यालय का भी मान बढ़ाया जब सबको एक हाथ दूरी करके प्राथर्ना और प्रतिज्ञा का ज्ञान सिखया।
    इसने सभी घर के सदस्य को एक ही घर में रख दिया।
    इसने कैसे भारतवासी को अलग- अलग रहकर जोड़ दिया,
    इसने तो फिर वही इतिहास को दोहराया युवा और नई पीढ़ी को रामायण और महाभारत का फिर से महत्त्व बताया,
    इसने सभी को अपने अपने घर से इस जंग के योद्धा डॉक्टर ,फौजी,मीडिया और पुलिस के लिए सब से शंख ,घंटी और तालिया बजवाई।
    इसने फिर से यह बताया कि डॉक्टर ही पृथ्वी पर भगवान का दूसरा रूप है,
    इसने फिर से पक्षी पशु को सड़क पर ला दिया और इंसान को पिंजरे में कैद कर दिया,और इसने फिर से मछली को पानी में गोता लगाते दिखया।
    और तोह और अपराध पर पूर्ण विराम लगया है!!
    ©tushar_1999

    Read More

    Corana Virus

  • tushar_1999 16w

    किसी ने सही ही कहा है "जब आप के पास सुख है तोह दुःख का आना तय है" यह कहानी है एक मध्य वर्ग परिवार की, एक माँ की वह कैसे रहती है। आज से 10-20 साल पूर्व माँ से ससुराल रिश्तेदार सब को एक पुत्र की इच्छा होती थी। पुत्र न होने पर दुश्मनों से भी ज्यादा बुरा बर्ताव होता था। उस माँ ने एक नही 5 पुत्र दुनिया में आते ही चले गए। उस माँ के बारे में सोचिए उस पर क्या बीती होगी , जिसको कागज़ पर उतारना किसी के लिए संभव नही कहते है ना " ऊपर वाला सब की सुनता है, उसने उस माँ की भी सुन ली। माँ के गुण इतना महान होता है कि क्या बोलू , की जब वह अपने बचपन में पापा की यहाँ होती है तोह वहाँ अपने शौक,सुख अपनी इक्छाये पूरी नही कर पाती है, ताकि उनके पापा का पैसा बच सके। बाद में वह शादी करके अपने पति के पास आ जाती है, तोह वहाँ भी वह अपने पति के पैसे बचाती है आने वाले कल के लिए, अपने बच्चो के लिए उनके अच्छे कल के लिए वह अपने सुख को अधूरा छोड़ देती है। ऐसा नही है कि वह अपने सुख भोग नही सकती,पर माँ को अपने सुख पर भोग करना तभी अच्छा लगता हैं जब उसका बेटा अपने पैरों पर खड़ा हो, कामता हो। तोह जब उनके बेटे ने कामना शुरू किया तोह उसने अपनी पहली तनख्वाह से अपनी माँ के लिए साड़ी, मोबाइल ख़रीदा। उस माँ ने सबको यह बात बताई और बात बताते हुए उसके ख़ुशी देखने लायक थी। जब उस माँ को दुखो के बदले सुख में रहने का समय आया तोह ऊपर वाले को कुछ और पसंद आया। तब माँ ने हार नही मानी थी। तोह बेटा कैसे हार सकता है।
    अगर किसको भी किसी चीज़ का बुरा लगे तोह छमा प्राथी��..

    Read More

    कुदरत का यह खेल

    ©tushar_1999

  • tushar_1999 27w

    शुभ शानिवार।।

    करूं मैं विनती तुमसे बारम्बार,
    कर दो प्रभु मेरा तुम बेड़ा पार,
    महिमा तुम्हारी सब भक्त गाते है
    नागे पग तेरे दर पर सब आते है।।
    ©tushar_1999

  • tushar_1999 28w

    आखिर क्यों???

    कहना चाहता हूं रिश्तेदारों से, पड़ोसी से की मत करो जुल्म हम सब पर, की कितने आये हमरे मार्क्स परीक्षा में, न करो तुलना मेरी किसी और से, और न किया करो शर्मिंदा मेरे माँ-बाप को मेरे सामने ,न किया करो मेरे गुरु का अपमान ,जानता हूँ कमज़ोर हूँ मै,न हूँ सबसे अच्छा मैं। क्योंकि आप लोग इतने बार बोलते हूँ की दिल रोने सा लगता है,इस दुनिया में लड़ने से पहले भी हार मान जाया करता हूँ। अगर आपको इतनी ही फ़िक्र है तोह क्यों नही पूछते खैरियत,क्यों नही जन्मदिन की बधाई देते। क्यों किसी को नीचे दिखाते हो, शुक्रिया कर खुदा का की उसने तुझे बल दिया की तु दूसरों का बल बन सके, न की उसके बल को तोड़ देना।।
    ©tushar_1999

  • tushar_1999 29w

    जो चीज़ मांगो, वो पल में मिलेगी झोली ये खाली, खुशियों से भरेगी कट जाएं सारे संकट,इनकी शरण में बैठ कर देखो बजरंगबली के चरणों में।।

    Read More

    ©tushar_1999

  • tushar_1999 32w

    जय श्री राम।।
    जय हनुमान।।








    शुभ हनुमान जयंती।।

  • tushar_1999 32w

    किसी ने उससे मेरे बारे में पूछा की, मैं क्या करता हूँ?,कहाँ रहता हूँ?,तोह उसका जवाब इस कदर था कि वह रहता हम सबके दिलों में है,और करता क्या सबके दिलों पर राज करता है।
    ©tushar_1999

  • tushar_1999 35w

    माँ तु कैसे जान जाती है??
    तु दूर होकर भी मेरी आवाज़ से मेरी तबीयत जान जाती है,
    जो मेरे पास होकर भी नही जान पाते।
    तु कैसे जान जाती यह फोन तेरे बेटे ने ही किया है।
    तुझे कैसे पता चल जाता है मेरे गलतियों का।।
    माँ तु कैसे जान जाती है??
    तु कैसे जान जाती सबकी ज़रूत को,
    और सबकी आदतों को,
    तु कैसे भूखे रहकर बाकी का पेट भर देती है,
    बहाने में कहती है कि तुझे भूख नही है।
    तु कैसे अपने सपनों को छोड़ कर अपने
    बच्चो का सपना पूरा कर लेती है,
    माँ तु कैसे कर लेती है??
    बीमार होने पर भी स्वस्थ होने का बहाना बनाती है
    और बीमार होकर भी घर का सारा कार्य कर लेती है।।
    माँ तु सब के लिए दीवार बन खड़ी हो जाती है।।
    तु अपने को चुनने से पहले अपने परिवार को चुनती है
    माँ तु कैसे कर लेती है??
    माँ तु कभी अपने दर्द छुपाकर दूसरों का दर्द कम कर देती है।
    अपने की मदद करने से पहले दूसरों की मदद करती है।
    कैसे तु सबका गुस्सा बरदास्त कर लेती है।
    माँ तु कैसे कर लेती है??
    अपना जन्मदिन छोड़ कर अपने बच्चो का बनाती है,
    अपने लिए नही अपने परिवार के लिए प्रथना करती है
    माँ तु कैसे कर लेती है??
    तु कैसे जान जाती है मेरे होना वाला कल
    कैसे जान जाती है मेरी आने वाले मुश्किल को
    तु अपने लिए भगवान से कुछ नही माँगती,
    कैसे तु अपना छोड़ कर हमारे प्रिये चीज़ों का
    ख्याल रख लेती है,
    सबके हँसने से हँस लेती है साथ मे दुःख में रो देती है,
    माँ तु कैसे कर लेती है??

    Read More

    माँ तु कैसे जान जाती है??
    ©tushar_1999

  • tushar_1999 35w

    देखकर तुम इतना इतराया न करो
    अपने इस मुस्कान को छुपाया न करो।।
    ©tushar_1999

  • tushar_1999 36w

    वादा भी करो मुकम्मल भी करो
    काम को हाथ मे लेकर पूरा भी करो।।
    ©tushar_1999