uncherishedambers

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jo salon se chhupaya tha....bas...wahi dard panno par nikal raha hai....��

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  • uncherishedambers 9w

    Its not the eyes. Not the lips. Not her hair.
    OH no no, not even the face that keeps it going.
    Its always the effort, always. The effort it is!

    Shreyam.

  • uncherishedambers 9w

    ए चांद, तेरे चारो तरफ का अँधेरा छीन लूँ मैं,
    तू तुझे कौन पूछेगा?

    अँधेरा ना हो तो ऐ उजाले तुझे कौन पूछेगा?
    अगर ग़म ही ना हो, तो शराब तुझे कौन पूछेगा,
    मोहब्बत मोहब्बत कर्ता है तू बहोत, तो सुन,

    अगर बिछड़ना ना हो तो ए मोहब्बत तुझे कौन पूछेगा?

    -श्रेयम

  • uncherishedambers 10w

    It wasn't the pencil this time,
    It was the pen.

    You can't erase it.
    You may over write it.

    And trust me, it gets messy.

    -Shreyam

  • uncherishedambers 11w

    आसान होती तो मोहब्बत सब को मिल जाती,
    एक ही शरीर की कई चिंताएं जलानी पड़ती है

    -"श्रेयम"

  • uncherishedambers 14w

    चलता रहूंगा तुम्हारे पीछे जब तक सरहदों मे हो तुम,
    सरहद पार मेरा गुरूर टूट जाता है l

    पुकारते चलूंगा मीलों तक तुम्हारे ज़मीर को जोर-जोर से,
    कुछ मील बाद मेरा गला बैठ जाता है l

    -"श्रेयम"

  • uncherishedambers 16w

    गर्मी लगे तो हवा चलाऊं क्या?
    हवा चले तो दीया बुझाऊं क्या?

    इश्क है साहब, गर्मी सह लेगी दिए तले जून मे,
    अंधेरा नहीं सहेगी, बच जाएगी क्या?

    - श्रेयम

  • uncherishedambers 20w

    हवाओं का रुख बदल रहा है,
    मेरी गली मे सन्नाटा भी अकेले चल रहा है l
    क्या कहूँ मन मे गुस्सा है, दिल मे सुकून
    वो एक कुत्ता सड़क पर अकेले घूम रहा है l
    धरती है, सूत समेत सब वसूलेगी तुझसे ए इंसान ,
    तुझे पिंजरों मे बंध कर ये दुनिया खुला घूम रहा है l

    -"श्रेयम"

  • uncherishedambers 21w

    अल्फाजों की बातों मे वो बात नहीं होती,
    शादी की शहनाई मे रोने की आवाज नहीं होती,
    शंख नाद मे शहीदों की हुंकार नहीं होती,
    शोर बहोत होता है, एहसास नहीं होती l

    गूँगा मूक बदन लिए सड़कों पर घूमे वो बच्चा,
    सुनो, उसके सन्नाटे मे आवाज बहोत होती l

    -"श्रेयम"

  • uncherishedambers 22w

    सुनो अदनान, अब्दुल, आसीम या आरिफ!
    अगर रंगों की ही बात है तो
    थोड़ा तुम हरा लगा दो, थोड़ा मैं लाल लगा दूँ l

    पर हाँ सुनो, ईद मे सेवईयां खिलाओगे ना?
    मेरी होली को अपनी होली बनाओगे ना?

    -" श्रेयम"

  • uncherishedambers 22w

    लोचन मूँदे जब ये गगन, अंधेरा छाए बहोत भीषण,
    तब तब छुप जाऊँ माँ मैं तेरी आंचल मे,
    जो कर लेता सब कुछ हरण l

    तमस घोर जब घेरे मन, तब बातों से बहलाते क्षण,
    हाँ हाँ वो बहना मेरी, दूर भगाती सारे ग़म l

    जब जब भीड़ मे अकेला पाया, आंसुओं को बक्सों मे छुपाया,
    तब तब मोहब्बत से चुंबन, हान इश्क मे आंखें होती नम l

    वो माँ हो या बहना हो, या हो मोहब्बत मेरी तमाम!
    वो नारी है , मुझपर भारी है, कर्ता उसको मैं प्रणाम l

    श्रेयम