va_run

And that, is how it all began. IG : @vroonvroon

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  • va_run 9w

    क्या समझते हो?

    अभी आंखे ही तो मिली थी, तुम लगा बैठे हो दिल,
    ख्वाबों में ही तो आए थे वो, तूने अपने कल में कर लिया शामिल,
    दिन दो दिन में उसे पढ़ लिया,
    अरे इंसान है वो, अख़बार समझते हो,
    क्यों, इसे प्यार समझते हो?

    आज दिल्लगी है, कल वही दिल टूटेगा,
    इनका यही दस्तूर है,
    इश्क़ के बदले सितम मशहूर है।

    यह धूल भरी ज़मीन है हुज़ूर, तुम खुला आसमान समझते हो,
    दो पन्नों की कहानी को ज़िन्दगी कि दास्तान समझते हो,
    अपनी शान समझते हो,
    ईमान समझते हो,
    अभिमान समझते हो,
    सांसे पहले भी चलती तो थी,
    क्यों, इसे जान समझते हो?
    ©va_run

  • va_run 14w

    ख्वाबों से इश्क है हमें
    यह तू खूब जानती है, मगर
    तू नींद है,
    तू बेवफ़ा है।

    ©va_run

  • va_run 15w

    ख्वाब

    एक सपना है, एक ख्वाब है,
    कभी आंखें तो खोलू,
    काबिलियत के तराज़ू में खुदको तो तौलू।

    सपने सजते मिनार हो गए,
    उस कल कि आस के दिलदार हो गए,
    तलब कहो, नशा कहो,
    दशा कहो, दुर्दशा कहो,
    बंजर से थे, एक पल में गुलज़ार हो गए।

    अब बस चलना है..
    राह गर्म है, पैर नर्म है,
    कोई बात नहीं दोस्त, वक़्त की फरमाइश है,
    अब मुझे जलना है।
    कभी गिरना है, फिर संभलना है,
    न थकना है, ना ही ढलना है।

    फिर भी जो मेरे कदम गए थम,
    यह मत समझना कि हार गए हम,
    मेरे कदमों के निशान को सारथी समझ लेना,
    तेरे सपनों को पर देने के लिए कमबख्त
    इतिहास के किरदार हो गए...
    ©va_run

  • va_run 22w

    Hello Police? I'm here to report missing good times.

    It's 6AM.
    You wake up.
    You get dressed as you still rub your eyes.
    You leave, joined by other familiar faces on the way. You reach school, you realise you forgot your homework, you're driven out of class, you're joined by your friend soon enough and it's not a punishment anymore.

    It's 4PM.
    You get out of home, on your bicycle.
    "Wake up, let's play", you say, at the doorstep of your friend. You spend the evening, and you both return to your home, where a bowl of snacks will sit waiting for you.

    It's 9PM.
    You need something from your friend who lives down the road. Will he be awake? Should i go?
    One way to find out - you show up at his door, again.

    It's New Year.
    You take some money from mom, and buy tiny little greeting cards for friends at school. You're happy, and so are your parents as they read letters from family far far away.

    It's childhood.
    You smile because you're happy.
    You smile now because you miss being happy.
    Shame we never know when the good ol' days are when we're living them...
    ©va_run

  • va_run 27w

    Happy International Men's Day!
    @mirakeeworld @mirakee

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    HE

    I remember,
    As i was learning to speak, people emphasized on my surname. I was to learn it by heart, for it was an inheritance. The burden of an imposed legacy was on my shoulders now.

    I remember,
    I was taught a few things - being a gentleman by not touching a girl, to open the doors for them, pull chairs, respect them, pay their bills. All that so when in future i make special friends, it'll be an instinct to treat them real nice. I was taught how crying, being sensitive, vulnerability are all feminine traits. The soft heart was shielded by a stone barrier. All that so when my soul cries, the face smiles.

    I remember,
    When i held a pencil for the first time, my mom would look at me with hopes in her eyes, saying "you'll grow up to be successful and make us all proud". It was that moment when the the load of expectations joined in too.

    I remember,
    As i was still struggling with bad grades, I'd be scolded - how was i going to take care of my family if i continued to study like that. There, an idea was born in my mind - the idea of having a family someday and i being the one to feed them. Yet another load.

    I feel,
    With every passing day, I grow concerned about the future.
    Will i get a job?
    Will i have a family whom I'll keep happy?
    Will i ever truly be enough?

    With time, now as i stand in front of a mirror,
    I'm a son - the son who'll go sky high to make his parents tear up with pride.
    I'm a brother - the one who keeps his sister close, his little baby.
    I'm a boyfriend - the one who'll eat cheap meals to afford good dates.
    And soon, I'll be a father - the father i once couldn't understand, the father i hated at times, the father who'd carry his family on his shoulders without a sigh and wearing a smile, I'll carry them till the shoulders get tired and i give up. I'll inevitably be forgotten, but it won't matter. It won't matter as i lose the load i carried all my life and feel so light that i fly,
    I fly high,
    I fly free...
    ©va_run

  • va_run 27w

    दायरा

    कुछ बातें तुमसे कहीं हैं, कुछ बाकी हैं,
    सुनने का जी करे तो चले आना।

    मगर वक़्त का दायरा है दोस्त,

    मेरे शब्दों को अपने दिल में पनाह दे दे,
    कल ख़ामोश मैं होऊंगा, मौत तुम्हे आएगी।
    ©va_run

  • va_run 29w

    Gham ke aansoo sula dete hai, sulane de.
    Agar uski yaado ko sar ka takiya banaye so gaya, toh unn khwaabo ko tod subah aankh kholne se meri rooh mana kar degi...
    ©va_run

  • va_run 29w

    मुझे मंज़िल की तलब में मशरूफ कर दे,
    सफ़र मै खुद तय कर लूंगा।
    ©va_run

  • va_run 32w

    मै वापस आऊंगा।

    उस छोटे से गांव के छोटे से घर, जहा किसिका आना जाना ना होता था, उस दिन दो का आना हुआ। पहले कुछ सेना के जवान, कंधे पे तिरंगे में लिपटा एक कब्र लिए; दूसरा उसी गांव का पोस्टमैन, एक चिट्ठी लिए -

    मां,
    चिट्ठी मिली आज ही। काफ़ी तनाव है फिलहाल सरहद पे, सोचा लिख दू जब वक़्त मिला ही है तो।
    इतनी चिंता ना किया कर, तेरा बेटा दुरुस्त हैं। बस कल तबियत ज़रा खराब था, तेरी आंचल की बड़ी याद आयी मां। याद है कैसे बचपन में जब भी बीमार पड़ता था तब तू खाना पीना छोड़ दिन रात मेरे सर के पास बैठे रहती थी? "मेरा बेटा कैसा है", "खाना खाया या नहीं" यह सुनने को मां कान तरस गए हैं मेरे। काश वापस बच्चा बन पाता, तेरी गोद में फिर खेल पाता, थक कर उसी में सो पाता..
    खैर, तेरी बहू कैसी है? गुस्सा होगी बहुत, छुट्टी ले कर आने का वादा जो किया था। निभा न सका, मगर जल्द ही आऊंगा। उसे कहना की धमाके की आवाज़ और बारूद की गंध ने तेरे पायल की खन खन और गजरे की खुस्बू को भुलाया नहीं है। और मेरी छोटी चिड़िया कैसी है? अब तो बड़ी हो गई होगी, नहीं? बड़ा मन्न करता है उसे अपनी गोद में लेने का, खेलने का.. तू तो मा है, समझ सकती हैं।
    यहां बंकरो में तकिए नहीं होते, तो तेरी चिट्ठियों को ही सर के तले रख सो जाया करता हूं.. एक तस्वीर ही है तेरी, उसी को देख दिन शुरू और रात ख़तम होती है। तू पास नहीं है ना, तो उसे ही सीने से लगाए रखता हूं..
    जल्द ही छुट्टी होगी, जल्द ही घर आऊंगा। बहुत याद आती है मां.. तू चिंता मत कर, तेरा बेटा अभी घर का रास्ता भूला नहीं हैं...
    ©va_run

  • va_run 32w

    मैंने रिश्तों को बिखरते देखा है,
    आसमानी वादो को ज़मीन पर चलता देखा है,
    अब तो नए लोगो से मिलने में भी डर लगता है मुझे,
    जनाब, मैंने इंसान को इंसान से इंसान के लिए लड़ते देखा है।


    ©va_run