virajdaksh

be free dont take tension but when i have written to my hand but mywords drowned on peoples heart! my words always shows my feelings wha

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    सोच

    छोटी सी चिंगारी है
    जो हमने भड़काई है।
    लिबाज़ में लिपटे हुए
    परवानगी भी आई है।
    सरसराहट के आगोश में
    जाने किस की आवाज़ आयी है।
    मुस्कुराहटों के पीछे
    दर्द भरी आह किसकी आयी है।
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    कीमत

    कीमत तो फटे हुए नोट की भी नही होती।
    इसीलिए खुद को इस काबिल करो जो ।
    आपकी चमक गन्दी होने पे खुद की नोट फाड़ कर
    चमकाए
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    सुपने

    जिन्हा दे सुपने बड़े होंदे ने
    ओह्ह द ने किमता कुछ और ही होंदी आ।
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    ज़िन्दगी

    ज़िन्दगी का सफर लंबा ही सही मगर।
    दिलचस्प जरूर है।
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  • virajdaksh 7w

    राह

    कैसे कैसे सफर है।
    मंज़िल मिलती नही
    रास्ते लंबे होते जा रहे।
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    खुशी

    जिंदगी का सही मतलब तब समझ आता है।
    जब आप खुश हो और दूसरा आपसे ज्यादा खुश हो।
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    ज़ख्म

    किसी के दिल को जीत लिया।
    किसी के दिल की चीट किया।
    किसी पे जान निसार है।
    किसी के लिए दिल बेकरार है।
    किसी ने हमे प्यारा समझा।
    किसी ने इश्क़ बेचारा समझा।
    ये सबके अपने अपने जज़्बात है।
    जनाब वरना आज के क्या हालत है।
    रोज ले बैठे है ।हम ग़म के दरवाजे पे।
    गहरे जख्म ज़रा मरहम भी तुम ओर ।
    ज़ख्म पे मरहम भी तुम।
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    वीरान

    किसी की वीरान ज़िन्दगी को रंगीन तो कीजिये जनाब
    उससे ज्यादा खूबसूरत कोई और नही मिलेगा आपको।
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    झरोखा

    आंखों का झरोखा रखो।
    नज़रों का धोका नही।
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    रूप

    बिखरी जुल्फे जैसे सावन का झरोखा
    आंखें ऐसी जैसे हवा का झोंका
    चेहरा ऐसे है जैसे मानो
    किसी वीरान बस्ती में
    दीपक का होना।
    हाथ है उसके ऐसे जैसे
    लाताये किसी शाखा की
    कमर लगती ऐसे जैसे
    मधुर रागिनी
    पाओ ऐसे जैसे किसी संगमरमर की
    रोशनी
    देख तेरा रंग रूप खो जाए कोई भी
    बस तेरा रूप ही तो है ।
    सबकी दीवानगी।मस्तानी सुहानी।
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