yogesh_agrawal

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  • yogesh_agrawal 3w

    यो एक किसिमको बिमारी हो
    यसको नाम गरिबी हो !!!
    -योगेश अग्रवाल

  • yogesh_agrawal 3w

    "कल तुझे खोने से डरता था
    आज तुझे खो चुका हूं
    बीते दो - चार महीने से रो रहा हूं
    बड़ी शिद्दत से तेरे इंतजार कर रहा हूं "
    ©yogesh_agrawal

  • yogesh_agrawal 6w

    जिंदगी की यात्रा मैं, मैं एक यात्री हूं और इस आदि यात्रा को मैं अपने कविता के जरिया इस तरह बयान कर रहा हूं ....।।। @mirakee @mirakeeworld

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    "यात्री"

    कल भी यूं ही चली गई
    आज भी देर हो गई
    नासमझ सका इस जिंदगीकी यात्रा को
    कहां मुझे है ले जा रही
    मैं यात्री हूं पर मुझे रास्ता पता नहीं
    सपनों को देख रहा हूं पर मंजिल का ठिकाना नहीं
    उलझन सी है जिंदगीकी यात्रा , सुलझा रहा हूं
    माना मैंने पहेली का खेल हे जिंदगी
    कभी यहां भटक रहा हूं ,कभी वहां भटक रहा हूं
    मंजिलकी तलाश में खुद को खो चुका हूं
    फिर भी मैं जिंदगी तुझसे हारा नहीं हूं
    माना मैंने नदी गहरी है फिर भी मैं तहर रहा हूं
    कल भी यूं ही चली गई
    आज भी देर हो गई
    पर यकीन है मुझे मेरी नैया पार होगी जरूर
    मैं मरने से पहले मेरी जीत जरूर होगी
    मंजिल तक तो मैं पहुंच कर रहूंगा
    मैं मांझी बडा जिद्दी हूं ।।।
    ©yogesh_agrawal

  • yogesh_agrawal 6w

    " Life is family "

    This line gives the same message is you read from the front or from the back .
    ©yogesh_agrawal

  • yogesh_agrawal 7w

    "अल्फाज "

    एक टूट के गिरा पत्ता
    जो अपना रंग बदलता हुआ
    कभी धूप , कभी आधी , कभी तेज बारिश,
    के सामना करता हुआ
    वह टूट के गिरा पत्ता की तरह हूं मैं
    लाख कोशिश की मैंने अपने आपको बचाने
    फिर भी मैं मजबूर हुआ हारने
    जब मुझे एहसास होने लगा ,
    मेरे हिस्से में नहीं है सब के साथ जीना
    तब से मैं लगा अकेला तड़पना
    जैसे वह टूटकर गिरा पत्ता अकेला जमीन में तड़पता हुआ
    ©yogesh_agrawal

  • yogesh_agrawal 7w

    गरीबी

    "ना इसका कोई दवा है
    ना ही है इसका कोई इलाज
    बिल्कुल कोरोना की तरह है
    लोग तुमसे भागते हे दूर
    फिर भी तुम जीने के लिए होते हो मजबूर
    हां ! यह एक बीमारी है
    इसका नाम गरीबी है "
    ©yogesh_agrawal

  • yogesh_agrawal 7w

    "मैं एक हीर हूं जो तुम मुझसे अनजान हो
    मैं जिसको याद करूं वह नाम तुम नहीं हो
    मिल जाएगी तुम्हें तुम्हारा मोहन कहीं
    मैं जिसका कान्हा हूं तुम वह राधिका नहीं हो"
    ©yogesh_agrawal

  • yogesh_agrawal 8w

    "Chal aajse ek Nahi ..."

    Chal aajse ek nahi suruwat karte haai
    Zindagi ki ish maidan meh Zindagi se ladte haai
    Paresani jitna bhi aya ladne ki himat rakte haai
    Chal ajse ek Nahi suruwat karte haai

    Iss khubsurat Zindagi ko 2 gaj ki rasi ke samne nahi jukne deta haai
    Kuch acha nahi lagrha haai toh apas meh baat leta haai
    Zindagi meh sabse jyada mahatwa khud Zindagi hey samajleta haai
    Chal aaj se ek nahi suruwat karte haai

    Chal aaj se Zindagi ko zinda Dil se jeta haai
    Marne se pahela kya khub zindagi deya raab ko sukargujar karte haai
    Ek Kali raat ke baad nahi subha atti hey samajleta haai
    Chaal ajse ek Nahi suruwat karte haai
    ©yogesh_agrawal

  • yogesh_agrawal 8w

    "नारी"

    कृष्ण के नजर से देखे तो वोह राधारानी बन्जाएगी
    प्रेम के नजर से देखे तो वोह मिरा बाई बन्जाएगी
    अगर कु द्रष्टि से उस्की देश को कोई देखे तो झासी कि रानी बन्जाएगी
    अस्मिता उस्की कोई लूटे तो माँ दुर्गा भवानी बन्जाएगी
    कुछ एसी होती हे परीभाषा नारी कि ।।।
    ©yogesh_agrawal

  • yogesh_agrawal 8w

    कुछ उलझा अल्फाज

    अाज मेँ कुछ उलझन मे हू
    मेरा वक्त बूरा हे या मेँ बूरा हू
    मेरा नियत बूरा था या उस्मे कोई बूराई थि
    क्या मुकद्दर का खेल था या किस्मत मुजसे खेल रही
    कयू वोह मूझे जिन्दगी जिना सिखाकर मेरे जिन्दगी से चली गई
    ©yogesh_agrawal